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One District One Cuisine: फर्रुखाबाद की दालमोठ नवाबों के दौर का है वो चटपटा स्वाद, जो आज भी है सबकी पहली पसंद... जानिए इसका इतिहास

One District One Cuisine: चलिए अब आपको उत्तर प्रदेश के एक और ऐतिहासिक शहर फर्रुखाबाद ले चलते हैं। गंगा के किनारे बसे इस शहर की सुबह और शाम जिस जायके के बिना अधूरी है, वह है यहां की मशहूर 'दालमोठ'। 'वन डिस्ट्रिक्ट वन कुजीन' (ODOC) के तहत फर्रुखाबाद की दालमोठ को अब दुनिया भर में नई पहचान दी जा रही है। आइए जानते हैं इसके पीछे की रोचक कहानी और इसे घर पर तैयार करने की विधि।

Shradha Tulsyanअपडेटेड May 16, 2026 पर 7:00 AM
One District One Cuisine: फर्रुखाबाद की दालमोठ नवाबों के दौर का है वो चटपटा स्वाद, जो आज भी है सबकी पहली पसंद... जानिए इसका इतिहास

उत्तर प्रदेश का फर्रुखाबाद जिला न केवल अपनी 'जरदोजी' और 'ब्लॉक प्रिंटिंग' के लिए प्रसिद्ध है, बल्कि खान-पान की दुनिया में यहां की दालमोठ का कोई सानी नहीं है। यह नमकीन इतनी मशहूर है कि फर्रुखाबाद आने वाला हर व्यक्ति अपने साथ इस दालमोठ का डिब्बा ले जाना नहीं भूलता। हाल ही में इसे प्रदेश सरकार की ODOC योजना में शामिल किया गया है, जिससे इसके स्थानीय निर्माताओं को नई तकनीक और ब्रांडिंग का लाभ मिल सकेगा।

फर्रुखाबाद की दालमोठ का इतिहास

फर्रुखाबाद की स्थापना 1714 में नवाब मोहम्मद खान बंगश ने की थी। कहा जाता है कि नवाबों के दौर में शाही शाम की महफिलों में मेवों और मसालों से युक्त कुछ हल्का और चटपटा खाने का रिवाज था। शाही रसोइयों ने काली साबुत मसूर की दाल को तलकर और उसमें गुप्त मसालों का मिश्रण तैयार करके एक ऐसी नमकीन बनाई जो लंबे समय तक खराब न हो।

धीरे-धीरे यह शाही रसोई से निकलकर शहर की गलियों तक पहुंची। फर्रुखाबाद की आबोहवा और यहां के कारीगरों के हाथों का हुनर कुछ ऐसा है कि यहां की दालमोठ का स्वाद अन्य शहरों की नमकीन से बिल्कुल अलग होता है। आज यह न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि विदेशों में रहने वाले भारतीयों के बीच भी उतनी ही लोकप्रिय है।

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