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पूर्वांचल में माफिया के एक युग का अंत, एक साल के भीतर 'बाहुबली' मुख्तार अंसारी और अतीक अहमद की मौत

Mukhtar Ansari Death पूर्वांचल अब अपने दो सबसे बड़े माफियाओं से मुक्त हो गया है। एक साल के भीतर ही इन दो माफिया डॉन की मौत विवादित परिस्थितियों में हुई। 2014 के बाद से किस्मत बदल गई और 2017 के बाद और भी ज्यादा, जब बीजेपी केंद्र और फिर योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य में सत्ता में आई

MoneyControl Newsअपडेटेड Mar 29, 2024 पर 3:07 PM
पूर्वांचल में माफिया के एक युग का अंत, एक साल के भीतर 'बाहुबली' मुख्तार अंसारी और अतीक अहमद की मौत
एक साल के भीतर 'बाहुबली' मुख्तार अंसारी और अतीक अहमद की मौत

पूर्वांचल यानी पूर्वी उत्तर प्रदेश के दो बड़े डॉन या कहें कि 'बाहुबली' की मौत के बाद अपराध के एक युग और राजनीति के साथ उनके गठजोड़ के एक अध्याय का अंत हो गया। एक साल के भीतर ही इन दो माफिया डॉन की मौत विवादित परिस्थितियों में हुई। जहां अतीक अहमद (Atiq Ahmed) की पुलिस हिरासत में बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी, तो वहीं मुख्तार अंसारी (Mukhtar Ansari) के परिवार का आरोप है कि उन्हें जेल के अंदर 'धीमा जहर' देकर मार डाला गया।

दशकों तक, राजनीतिक संरक्षण के तहत, अतीक अहमद (Atiq Ahmed) और मुख्तार अंसारी (Mukhtar Ansari) ने पूर्वी उत्तर प्रदेश में, गाजीपुर से लेकर प्रयागराज तक, अपनी जागीर चलायी और उन पर हाई-प्रोफाइल हत्याओं का आरोप भी लगा।

रील लाइफ का रियल लाइफ स्टोरी

पूरा क्षेत्र उन्हें माफिया के रूप में जानता था। ऐसे माफिया, जो जमीनों पर कब्जा करते थे, भाड़े पर हत्याएं करते थे और उनके गुर्गे अपहरण और जबरन वसूली का एक रैकेट चलाते थे। यह 'मिर्जापुर' वेब सीरीज या फिल्म 'गैंग्स ऑफ वासेपुर' की रील लाइफ रियल लाइफ स्टोरी है।

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