Jammu And Kashmir Assembly Polls 2024: जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने भारतीय सुरक्षा एजेंसियों और सुरक्षाकर्मियों पर क्षेत्र में घुसपैठ करने की कोशिश कर रहे आतंकवादियों के साथ मिलीभगत का शर्मनाक आरोप लगाकर बखेड़ा खड़ा कर दिया है। उनके विवादित बयान के बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) और केंद्र शासित प्रदेश के DGP आरआर स्वैन ने घाटी के वरिष्ठ नेता की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने सुरक्षाबलों पर आरोप लगाया है कि वे आतंकियों से मिले हुए हैं। उन्होंने कहा कि सीमा पर सेना की भारी तैनाती है, इसके बावजूद आतंकवादी घुसपैठ करने में कामयाब हो जाते हैं।
फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि ऐसे में सवाल ये है कि सीमा पर सेना की बड़ी तैनाती के बावजूद ऐसा कैसे हो सकता है? अक्सर विवादित बयान देने वाले पूर्व सीएम ने कहा कि सब मिले हुए हैं, हमारी बर्बादी के लिए सब मिले हुए हैं। अब्दुल्ला की यह प्रतिक्रिया अनंतनाग जिले में सुरक्षा बलों और आतंकवादियों के बीच गोलीबारी में भारतीय सेना के दो जवानों और एक नागरिक के मारे जाने के ठीक एक दिन बाद आई है।
जम्मू-कश्मीर के शीर्ष पुलिस अधिकारी आरआर स्वैन ने NC नेता पर निशाना साधा और कहा कि यह बयान निंदनीय है। जबकि बीजेपी ने याद दिलाया कि अब्दुल्ला पहले भी इस तरह के विवादास्पद बयान दे चुके हैं। जम्मू-कश्मीर के डीजीपी आरआर स्वैन ने CNN-न्यूज18 से कहा, "इस पर प्रतिक्रिया देने के लिए मेरे पास शब्द नहीं हैं। ईमानदारी से कहें तो सुरक्षा बलों, अर्धसैनिक बलों, सेना और पुलिस ने 7,000 से अधिक लोगों की जान गंवाई है और (और भी) जानें जा रही हैं।"
उन्होंने आगे कहा, "सुरक्षा बल सबसे आगे हैं और भारतीय राष्ट्र राज्य के बेहतरीन देशभक्तों में से एक हैं, बस इतना ही मैं कह सकता हूं।" वहीं, सीएनएन-न्यूज18 से बीजेपी के वरिष्ठ नेता और जम्मू-कश्मीर के पूर्व उपमुख्यमंत्री निर्मल सिंह ने कहा, "फारूक अब्दुल्ला अक्सर इस तरह के बयान देते रहते हैं। वे बकवास बोलने के लिए मशहूर हैं और कोई भी उनके बयानों को गंभीरता से नहीं लेता।"
उन्होंने कहा, "उनकी पृष्ठभूमि को समझने की जरूरत है। यह वही फारूक अब्दुल्ला हैं जिनकी तस्वीर मकबूल भट के साथ है।" बता दें कि भट एक अलगाववादी नेता था, जिसने अलगाववादी समूह नेशनल लिबरेशन फ्रंट (एनएलएफ) बनाने के बाद कश्मीरी नागरिकों और भारतीय सेना के जवानों पर हमला किया था।
सिंह ने आगे कहा, "यह वही मानसिकता है जिसके बारे में हमें लगा कि वह बदल गई है, क्योंकि वह पूर्व केंद्रीय मंत्री थे और फिर मुख्यमंत्री बन गए।" उन्होंने कहा कि अब्दुल्ला इस तरह की बात इसलिए कर रहे हैं क्योंकि 'पिछले चुनाव में उनका बेटा हार गया था'। उन्होंने उमर अब्दुल्ला की बारामुल्ला सीट से निर्दलीय उम्मीदवार इंजीनियर राशिद से हार का जिक्र किया।
फारूख का माफी मांगने से इनकार
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक किश्तवाड़ जिले में फारूक अब्दुल्ला अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा, "आज की तारीख में हमारी सरहदों पर बड़े पैमाने पर सेना की तैनाती है, जो शायद दुनिया में सबसे बड़ी डिप्लॉयमेंट है। फिर भी आतंकी हमारे देश में घुसते हैं और मारकाट मचाकर चले जाते हैं।' उन्होंने भारतीय सेना पर सवाल उठाते हुए कहा, "ये सब (सेना और आतंकी) मिले हुए हैं। वे हमारी बर्बादी चाहते हैं, इसलिए यह खेल खेल रहे हैं।"
इंडिया टुडे के मुताबिक, फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि हमारा सवाल यह है कि सैकड़ों की संख्या में ड्रग्स और उग्रवादी यहां कहां से आ रहे हैं? जब उनके इस बयान पर हंगामा हुआ तो उन्होंने अपने माफी मांगने से इनकार कर दिया। उन्होंने अपने बचाव में तर्क दिया कि अगर भारत में घुसपैठ हो रही है तो किसी की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। उनके बयान पर जारी बवाल फिलहाल थमता हुआ दिख नहीं रहा है।