पूर्व विदेश मंत्री नटवर सिंह का शनिवार देर रात गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में निधन हो गया। वो 95 साल के थे। वह पिछले कुछ समय से बीमार थे। मेदांता अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। राजस्थान के भरतपुर जिले के रहने वाले नटवर सिंह एक बड़े कांग्रेसी नेता थे। सिंह ने मई 2004 से दिसंबर 2005 तक डॉ. मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली संप्रग सरकार में विदेश मंत्री के रूप में कार्य किया था। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई बड़े नेताओं ने सिंह के निधन पर शोक व्यक्त किया है। वहीं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रणदीप सुरजेवाला ने नटवर सिंह के निधन पर शोक जताया है।
नटवर सिंह ने पाकिस्तान में भारत के राजदूत के रूप में भी काम कर चुके हैं। वे 1966 से 1971 तक प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के कार्यालय से जुड़े रहे थे। अपने राजनीतिक करियर में नटवर सिंह कई बार अलग-अलग कारणों से चर्चा में रहे। उनकी आत्मकथा ‘One Life Is Not Enough’ भी सनसनी दावों के कारण चर्चा में रही थी।
पीएम मोदी ने शोक प्रकट किया
नटवर सिंह के निधन पर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शोक प्रकट किया है। पीएम मोदी ने एक्स पर लिखा कि नटवर सिंह जी के निधन से दुख हुआ। उन्होंने कूटनीति और विदेश नीति की दुनिया में समृद्ध योगदान दिया। वह अपनी बुद्धि के साथ-साथ विपुल लेखन के लिए भी जाने जाते थे। दुख की इस घड़ी में मेरी संवेदनाएं उनके परिवार और प्रशंसकों के साथ हैं। ॐ शांति."। वहीं देश के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भी सिंह के निधन पर शोक जताया है। उन्होंने कहा कि प्रतिष्ठित राजनयिक और पूर्व विदेश मंत्री के. नटवर सिंह के निधन से बहुत दुःख हुआ। उनके कई योगदानों में जुलाई 2005 के भारत-अमेरिका परमाणु समझौते में महत्वपूर्ण भूमिका शामिल है। उनके लेखन, विशेष रूप से चीन पर, ने हमारी कूटनीति में बहुमूल्य अंतर्दृष्टि प्रदान की। उनके परिवार के प्रति संवेदनाएं।
नटवर सिंह का जन्म 1929 में राजस्थान के भरतपुर जिले में हुआ था। प्रारंभिक शिक्षा अजमेर के मेयो कॉलेज और ग्वालियर के सिंधिया स्कूल से पूरी की। इसके बाद उन्होंने दिल्ली के सेंट स्टीफंस कालेज से स्नातक की उपाधि हासिल की।
वह 1953 में भारतीय विदेश सेवा (आईएफएस) में चुने गए। उन्होंने चीन, न्यूयार्क, पोलैंड, इंग्लैंड, पाकिस्तान, जमैका और जांबिया सहित विभिन्न देशों में सेवाएं दीं।