पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहना सिंह की गुरुवार शाम को तबीयत बिगड़ गई। न्यूज एजेंसी PTI ने सूत्रों के हवाले से बताया हालात बिगड़ने के बाद गुरुवार शाम को उन्हें AIIMS दिल्ली में भर्ती कराया गया। उन्होंने बताया कि 92 साल के सिंह को अस्पताल के आपातकालीन विभाग में लाया गया। उनके अस्पताल में भर्ती होने का कारण तत्काल पता नहीं चल पाया है।
उनके कार्यालय के अनुसार, पूर्व प्रधानमंत्री को ''सांस लेने में बहुत ज्यादा तकलीफ'' का सामना करना पड़ रहा है और उन्हें ICU में शिफ्ट कर दिया गया है।
मीडिया रिपोर्ट्स के बाद, मनमोहन सिंह को आज सुबह करीब 8 बजे AIIMS के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया। AIIMS सूत्रों के मुताबिक, उनकी हालत गंभीर है और कई डॉक्टरों की टीम उनका इलाज कर रही है।
राज्यसभा से प्रधानमंत्री पद तक का सफर
मनमोहन सिंह इस साल की शुरुआत में राज्यसभा से रिटायर हुए, जिससे 33 सालों के बाद उच्च सदन में उनकी राजनीतिक पारी समाप्त हो गई। वह 2004 से 2014 तक प्रधान मंत्री के पद पर रहे।
भारत के एकमात्र सिख प्रधान मंत्री ने जून 1991 में पीवी नरसिम्हा राव के नेतृत्व वाली सरकार में वित्त मंत्री के रूप में शपथ लेने के चार महीने बाद 1991 में राज्यसभा में प्रवेश किया। उन्होंने उच्च सदन में पांच बार असम का प्रतिनिधित्व किया और 2019 में राजस्थान चले गए।
रतन टाटा के निधन पर क्या बोले मनमोहन सिंह?
इससे पहले पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने प्रसिद्ध उद्योगपति रतन टाटा के निधन पर बृहस्पतिवार को दुख जताया और कहा कि वह सत्ता में बैठे लोगों के सामने सच बोलने का साहस रखते थे। सिंह ने टाटा समूह के प्रमुख एन चंद्रशेखरन को पत्र लिखकर संवेदना जताई थी।
मनमोहन सिंह ने पत्र में कहा, ‘‘भारतीय उद्योग जगत के दिग्गज रतन टाटा जी के निधन से गहरा दुख हुआ। वह कारोबार जगत के एक आदर्श व्यक्तित्व से कहीं अधिक थे। उनकी दूरदर्शिता और मानवता उनके जीवन के दौरान स्थापित और पोषित कई परमार्थ कार्यों में दिखी।’’
उन्होंने कहा, ‘‘उनमें सत्ता में बैठे लोगों से सच बोलने का साहस था। मेरे पास कई मौकों पर उनके साथ बहुत करीब से काम करने की सुखद यादें हैं।’’पूर्व प्रधानमंत्री का कहना था, ‘‘मैं इस दुखद घड़ी में अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं। उनकी आत्मा को शांति मिले।’’