गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने रविवार को अरुणाचल प्रदेश (Arunachal Pradesh) में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राहुल गांधी (Rahul Gandhi) पर तीखा हमला बोला। शाह ने कहा, "अक्सर, कांग्रेस में हमारे दोस्त पूछते हैं - आठ साल हो गए हैं। मोदी सरकार ने क्या किया है? लेकिन अरुणाचल के लोग, कृपया मुझे बताएं, अगर कोई आंख बंद करके जाग रहा है, तो क्या वह विकास देख सकता है?"
उन्होंने कहा, "कांग्रेस में ये लोग आंख बंद करके विकास देखने की कोशिश कर रहे हैं। राहुल बाबा, कृपया अपनी आंखें खोलो और इटालियन चश्मा उतारो और भारतीय चश्मा पहनो। तब तुम देख पाओगे कि आठ सालों में क्या हुआ है। इन सभी सालों में, हमने पर्यटन और कानून व्यवस्था को मजबूत किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पेमा खांडू ने वह किया है, जो 50 साल में नहीं हुआ।"
दरअसल राहुल की मां सोनिया गांधी का जन्म इटली में हुआ था। उनके आलोचक अक्सर 'इटालियन' शब्द का इस्तेमाल करते हैं। साथ ही वे इन नेताओं पर भारत में जमीनी वास्तविकताओं से अलग होने का भी आरोप लगाते हैं।
'9,000 से ज्यादा विद्रोहियों ने डाले हथियार'
अमित शाह ने जोर देकर कहा, "पीएम मोदी ने अपने कार्यकाल के दौरान कई बार पूर्वोत्तर क्षेत्र का दौरा किया है और मंत्रियों को भी ऐसा करने के निर्देश दिए हैं।" उन्होंने कहा, "यह 14वीं बार है, जब मैं यहां आया हूं। आप अंदाजा लगा सकते हैं कि क्षेत्र को किस तरह की प्राथमिकता दी जा रही है।"
केंद्र सरकार की कोशिशों पर रोशनी डालते हुए गृह मंत्री ने कहा कि पूर्वोत्तर में, 2019 और 2022 के बीच 9,000 से ज्यादा विद्रोहियों ने "मुख्यधारा में शामिल होने के लिए" हथियार डाल दिए हैं।
शाह ने कहा कि पूर्वोत्तर, जो कभी हिंसा और आतंकवाद के कारण सुर्खियों में था। आज संस्कृति और विविधता के कारण सुर्खियों में है। उन्होंने कहा, "हम असम और अरुणाचल के बीच दशकों पुराने संघर्ष को खत्म करने में भी सक्षम थे। मैं दोनों मुख्यमंत्रियों को बधाई देना चाहता हूं कि असम के हिमंता बिस्वा सरमा ने विवाद को खत्म करने में बड़े भाई की भूमिका निभाई।"
दरअसल एक दिन पहले ही राहुल गांधी ने लंदन के 'आइडियाज फॉर इंडिया' प्रोग्राम में जो बयान दिया था, उसके बाद बीजेपी के कई नेताओं ने उन पर निशाना साधा। इसी कड़ी में अब अमित शाह ने भी राहुल पर पलटवार किया है।
इस प्रोग्राम में गांधी ने कहा कि यूरोपीय नौकरशाहों ने उन्हें बताया था कि भारतीय राजनयिक "हमें बता रहे थे कि उन्हें क्या...आदेश मिल रहा है, उसके लिए दोनों पक्षों के बीच 'कोई बातचीत नहीं' हुई।
इस पर विदेश मंत्री एस जयशंकर ने ट्वीट किया, "हां, भारतीय विदेश सेवा बदल गई है। हां, वे सरकार के आदेशों का पालन करते हैं। हां, वे दूसरों के तर्कों का विरोध करते हैं। नहीं, इसे अहंकार नहीं कहा जा सकता। इसे कॉन्फिडेंस कहते हैं। इसे राष्ट्रीय हित की रक्षा करना कहते हैं।"