Independence Day: महंगाई से लेकर मणिपुर, महिला शक्ति, यूथ और टेक्नोलॉजी तक... पढ़ें, पीएम मोदी का पूरा भाषण
Independence Day Pm Modi Speech: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को विश्वास जताया कि वह अगले साल लाल किले की प्राचीर से एक बार फिर राष्ट्र को संबोधित करेंगे और जनता से किए गए वादों की प्रगति उनके समक्ष प्रस्तुत करेंगे। लाल किले की प्राचीर से 77वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राष्ट्र को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि बदलाव का वादा मुझे यहां ले आया। मेरा प्रदर्शन मुझे एक बार फिर यहां ले आया। आने वाले पांच साल अभूतपूर्व विकास के हैं
Independence Day: प्रधानमंत्री मोदी ने विश्वास जताया कि वह अगले साल लाल किले की प्राचीर से एक बार फिर राष्ट्र को संबोधित करेंगे
Independence Day Pm Modi Speech: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को विश्वास जताया कि वह अगले साल लाल किले की प्राचीर से एक बार फिर राष्ट्र को संबोधित करेंगे और जनता से किए गए वादों की प्रगति उनके समक्ष प्रस्तुत करेंगे। लाल किले की प्राचीर से 77वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राष्ट्र को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि बदलाव का वादा मुझे यहां ले आया। मेरा प्रदर्शन मुझे एक बार फिर यहां ले आया। आने वाले पांच साल अभूतपूर्व विकास के हैं।
पीएम मोदी ने कहा कि साल 2047 तक एक विकसित राष्ट्र के रूप में भारत के सपने को साकार करने के लिए यह एक स्वर्णिम क्षण है। इस दौरान पीएम मोदी ने महंगाई का भी जिक्र किया। पीएम मोदी ने भाषण की शुरुआत करते ही मणिपुर मुद्दे का जिक्र किया। साथ ही उन्होंने सरकार की 9 साल की उपलब्धियां भी गिनवाईं। यहां, पढ़ें पीएम मोदी का पूरा भाषण...
मणिपुर का किया जिक्र
पीएम मोदी ने कहा कि मेरे प्यारे परिवारजनों...पिछले कुछ सप्ताह नार्थ-ईस्ट में विशेषकर मणिपुर में और हिन्दुस्तान के भी अन्य कुछ भागो में, लेकिन विशेषकर मणिपुर में जो हिंसा का दौर चला, कई लोगों को अपना जीवन खोना पड़ा, मां-बेटियों के सम्मान के साथ खिलवाड़ हुआ। लेकिन कुछ दिनों से लगातार शांति की खबरें आ रही हैं, देश मणिपुर के लोगों के साथ है। देश मणिपुर के लोगों ने पिछले कुछ दिनों से जो शांति बनाई रखी है, उस शांति के पर्व को आगे बढ़ाए और शांति से ही समाधान का रास्ता निकलेगा। और राज्य और केंद्र सरकार मिलकर के उन समस्याओं के समाधान के लिए भरपूर प्रयास कर रही है, करती रहेगी।
स्टार्टअप इकोनॉमी सिस्टम
पीएम मोदी ने कहा कि युवा शक्ति में मेरा भरोसा है। युवा शक्ति में सामर्थ्य है और हमारी नीतियां और हमारी रीतियां भी उस युवा सामर्थ्य को और बल देने के लिए है। उन्होंने कहा कि आज मेरे युवाओं ने दुनिया के पहले तीन स्टार्टअप इकोनॉमी सिस्टम में भारत को स्थान दिला दिया है। विश्व के युवाओं को अचम्भा हो रहा है। भारत के इस सामर्थ्य को लेकर के, भारत की इस ताकत को देखकर के। आज दुनिया टेक्नोलॉजी ड्रिवेन है और आने वाला युग टेक्नोलॉजी से प्रभावित रहने वाला है और तब टेक्नोलॉजी में भारत की जो टेलेंट है, उसकी एक नई भूमिका रहने वाली है।
डिजिटल इंडिया की सफलता
प्रधानमंत्री ने कहा कि मैं पिछले दिनों G-20 समिट में बाली गया था और बाली में दुनिया के समृद्ध से समृद्ध देश, दुनिया के विकसित देश भी उनके मुखिया, मुझे भारत की डिजिटल इंडिया की सफलता के लिए, उसकी बारिकियों को जानने के लिए इच्छुक थे। हर कोई इसका सवाल पूछता था और जब मैं उनको कहता था कि भारत ने जो कमाल किया है ना वो दिल्ली, मुंबई, चेन्नई तक सीमित नहीं है। भारत जो कमाल कर रहा है। मेरे टियर-2, टियर-3 सिटी के युवा भी आज मेरे देश का भाग्य गढ़ रहे हैं। छोटे-छोटे स्थान के मेरे नौजवान हैं। मैं आज बड़े विश्वास से कहता हूं कि देश का ये जो सामर्थ्य नया नजर आ रहा है। इसलिए मैं कहता हूं कि हमारे छोटे शहर आकार और आबादी में छोटे हो सकते हैं।
उन्होंने कहा कि ये हमारे छोटे-छोटे शहर, हमारे कस्बे आकार और आबादी में छोटे हो सकते हैं। लेकिन आशा और आकांक्षा, प्रयास और प्रभाव वो किसी से कम नहीं है, वो सामर्थ्य उनके अंदर है। नए एप, नए सोल्यूशन, टेक्नोलॉजी डिवाइस...। अब खेलों की दुनिया देखिए, कौन बच्चे हैं, झुग्गी झोंपड़ी से निकले हुए बच्चे आज खेलों की दुनिया में पराक्रम दिखा रहे हैं। छोटे-छोटे गांव, छोटे-छोटे कस्बे के नौजवान, हमारी बेटे-बेटियां आज कमाल दिखा रहे हैं। अब देखिए, मेरे देश की सौ स्कूल ऐसे हैं, जहां के बच्चे सेटेलाइट बना करके सेटेलाइट छोड़ने की तैयारियां कर रहे हैं। आज हजारों टिंकरिंग लैब नये वैज्ञानिकों का गर्भाधान कर रही है। आज हजारों टिंकरिंग लैब लाखों बच्चों को सांइस और टेक्नोलॉजी के राह पर आगे बढ़ने के लिए प्रेरणा दे रही है।
देश की बेटियों का अभिनंदन
पीएम मोदी ने कहा कि मैं आज लालकिले की प्राचीर से मेरे देश की माताओं, बहनों, मेरे देश की बेटियों का ह्दय से अभिनंदन करता चाहता हूं। देश आज जहां पहुंचा है, उसमें विशेष शक्ति जुड़ रही है, मेरी माताओं, बहनों के सामर्थ्य की। आज देश प्रगति की राह पर चल पड़ा है तो मैं मेरे किसान भाई-बहनों का भी अभिनंदन करना चाहता हूं ये आप ही का पुरुषार्थ है, ये आप ही का परिश्रम है कि देश आज कृषि क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है। मैं मेरे देश के मजदूरों का, मेरे श्रमिकों का, मेरे प्रिय परिवारजन ऐसे कोटि-कोटि समूहों को आज मैं नमन करता हूं।
उन्होंने कहा कि उनका अभिनंदन कर रहा हूं। देश आज जो आधुनिकता की ओर बढ़ रहा है, विश्व की तुलना करने वाले सामर्थ्य के साथ नजर आ रहा है। उसके पीछे मेरे देश के मजदूरों का, मेरे देश के श्रमिकों का बहुत बड़ा योगदान है। आज समय कहता है कि लालकिले की प्राचीर से मैं उनका अभिनंदन करूं। उनका अभिवादन करूं और यह मेरे परिवारजन, 140 करोड़ देशवासी मेरे इन श्रमिकों, रेहड़ी-पटरी वालों का, फूल-सब्जी बेचने वालों का हम सम्मान करते हैं। मेरे देश को आगे बढ़ाने में मेरे देश को प्रगति की नई ऊंचाई पर ले जाने में प्रोफेशनल्स की बहुत बड़ी भूमिका बढ़ती रही है। चाहे साइंटिस्ट हो, चाहे इंजीनियर्स हो, डॉक्टर्स हो, नर्सेस हो, शिक्षक हो, आचार्य हो, युनिवर्सिटीस हो, गुरूकुल हो हर कोई मां भारती का भविष्य उज्ज्वल बनाने के लिए अपनी पूरी ताकत से लगा हुआ है।
कोरोना महामारी
पीएम मोदी ने कहा कि कोरोना काल के बाद दुनिया एक नये सिरे से सोचने लगी है। और मैं विश्वास से देख रहा हूं कि जिस प्रकार से द्वितीय महायुद्ध के बाद, द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद दुनिया में एक नया वर्ल्ड ऑर्डर ने आकार लिया था। मैं साफ-साफ देख रहा हूं कि कोरोना के बाद एक नया विश्व ऑर्डर, एक नया ग्लोबल ऑर्डर, एक नया जियो पॉलिटिकल इक्वेशन यह बहुत तेजी से आगे बढ़ रहा है। जियो पॉलिटिकल इक्वेशन की सारी व्याख्याएं बदल रही हैं, परिभाषाएं बदल रही हैं। और मेरे प्यारे परिवाजनों, आप गौरव करेंगे बदलते हुए विश्व को शेप देने में आज मेरे 140 करोड़ देशवासियों आपका सामर्थ्य नजर आ रहा है। आप निर्णायक मोड़ पर खड़े हैं।
उन्होंने कहा कि कोरोना काल में भारत ने जिस प्रकार से देश को आगे बढ़ाया हे, दुनिया ने हमारे सामर्थ्य को देखा है। जब दुनिया की सप्लाई चैन तहस-नहस हो गई थी, बड़ी-बड़ी अर्थव्यवस्था पर दबाव था, उस समय भी हमने कहा था हमें विश्व का विकास देखना है, तो वो मानव केंद्रित होना चाहिए, मानवीय संवेदनाओं से भरा हुआ होना चाहिए। तब जा करके समस्याओं का सही समाधान निकालेंगे और कोविड ने हमें सिखाया है या हमें मजबूर किया है। लेकिन मानवीय संवेदनाओं को छोड़ करके हम विश्व का कल्याण नहीं कर सकते।
भारत की अर्थव्यवस्था
प्रधानमंत्री ने कहा कि जब हम 2014 में आए थे, तो हम वैश्विक अर्थव्यवस्था में 10वें नंबर पर थे और आज 140 करोड़ देशवासियों का पुरुषार्थ रंग लाया है कि हम विश्व की अर्थव्यवस्था में 5वें नंबर पर पहुंच चुके हैं। और ये ऐसे ही नहीं हुआ है जब भ्रष्टाचार का राक्षस देश को दबोचे हुए थे, लाखों-करोड़ के घोटाले अर्थव्यवस्था को डावाडोल कर रहे थे। उन्होंने कहा कि आज मैं देशवासियों को बताना चाहता हूं कि जब देश आर्थिक रूप से समृद्ध होता है तो सिर्फ तिजोरी नहीं भरती है।
पीएम मोदी ने कहा कि देश का सामर्थ्य बढ़ता है, देशवासियों का सामर्थ्य बढ़ता है और तिजोरी का पाई-पाई अगर ईमानदारी से जनता-जनार्दन के लिए खर्च करने का संकल्प लेने वाली सरकार हो तो परिणाम कैसा आता है। मैं 10 साल का हिसाब तिरंगे की साक्षी में लाल किले की प्राचीर से मेरे देशवासियों को दे रहा हूं। आंकड़े देखकर के आपको लगेगा इतना बड़ा बदलाव, इतना बड़ा सामर्थ्य। 10 साल पहले राज्यों को 30 लाख करोड़ रूपये भारत सरकार की तरफ से जाते थे। पिछले 9 साल में ये आंकड़ा 100 लाख करोड़ पर पहुंचा है।
गरीबों का घर और मुद्रा योजना
प्रधानमंत्री ने बताया कि पहले स्थानीय निकाय के विकास के लिए भारत सरकार के खजाने से 70 हजार करोड़ रूपया जाता था, आज वो 3 लाख करोड़ से भी ज्यादा जा रहा है। पहले गरीबों के घर बनाने के लिए 90 हजार करोड़ रूपया खर्च होता था, आज वो 4 गुना होकर के 4 लाख करोड़ से भी ज्यादा खर्च गरीबों के घर बनाने के लिए हो रहा है। पहले गरीबों को यूरिया सस्ता मिले। जो यूरिया के बैग दुनिया के कुछ बाजारों में 3 हजार में बिकते हैं, वो यूरिया का बैग मेरे किसानों को 300 में मिले और इसलिए देश की सरकार 10 लाख करोड़ रुपया मेरे किसानों को यूरिया में सब्सिडी दे रहा है।
पीएम मोदी ने कहा कि मुद्रा योजना 20 लाख करोड़ रुपए उससे भी ज्यादा मेरे देश के नौजवानों को स्वरोजगार के लिए, अपने व्यवसाय के लिए, अपने कारोबार के लिए दिए हैं। 8 करोड़ लोगों ने नया कारोबार शुरू किया है और 8 करोड़ लोगों ने कारोबार शुरू किया है, ऐसा नहीं, हर कारोबारी ने एक या दो, लोगों को रोजगार दिया है। 8-10 करोड़ नए लोगों को रोजगार देने का सामर्थ्य ये मुद्रा योजना से लाभ लेने वाले 8 करोड़ नागरिकों ने किया है। MSMEs को करीब साढ़े तीन लाख करोड़ रुपए की मदद से कोरोना के संकट में भी उनको डूबने नहीं दिया, मरने नहीं दिया, उनको एक ताकत दी है।
वन रैंक वन पेंशन, मेरे देश के सेना के जवानों का एक सम्मान का विषय था, 70 हजार करोड़ रुपया भारत की तिजोरी से आज पहुंचा है। मेरे निवृत्त सेना के नायकों से जेब में उनका परिवार में पहुंचा है। सभी कैटेगरी में मैंने तो कुछ ही गिनाएं हैं, मैं ज्यादा समय लेना नहीं चाहता हूँ। हर कैटेगरी में पहले की तुलना में अनेक गुना धन देश के विकास के लिए कोने-कोने में रोजगार पैदा करने के लिए, पाई-पाई का उपयोग भारत का भाग्य बदलने के लिए हो और इसलिए हमने काम किया है।
पीएम मोदी ने कहा कि जब देश में गरीबी कम होती है तब देश के मध्यम वर्गीय वर्ग की ताकत बहुत बढ़ती है। और मैं आपको विश्वास दिलाता हूं आने वाले पांच साल में मोदी की गारंटी है, देश पहले तीन वैश्विक इकोनॉमी में अपनी जगह ले लेगा, ये पक्का जगह ले लेगा। आज जो साढ़े 13 करोड़ गरीबी से बाहर आए हुए लोग हैं वो एक प्रकार से मध्यम वर्गीय ताकत बन जाते हैं। जब गरीब की खरीद शक्ति बढ़ती है तो मध्यम वर्ग की व्यापार शक्ति बढ़ती है। जब गांव की खरीद शक्ति बढ़ती है, तो कस्बे और शहर की आर्थिक व्यवस्था और तेज गति से दौड़ती है। और यही इंटर कनेक्टेड हमारा अर्थ चक्र होता है। हम उसको बल देकर के आगे चलना चाहते हैं।
महंगाई
पीएम मोदी ने कहा कि विश्व कोरोना के बाद अभी तक उभर नहीं पाया है, युद्ध ने फिर एक नई मुसीबत पैदा की है। आज दुनिया महंगाई के संकट से जूझ रही है। पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था को महंगाई ने दबोच कर रखा है। हम भी दुनिया से जिन सामान की जरूरत होती है लाते हैं तो हमें सामान तो इम्पोर्ट करते हैं, हमारा दुर्भाग्य है कि हमें महंगाई भी इम्पोर्ट करनी पड़ती है। तो इस पूरी दुनिया को महंगाई ने जकड़ कर रखा है।
पीएम ने कहा कि भारत ने महंगाई को नियंत्रित रखने के लिए भरसक प्रयास किए हैं। पिछले कालखंड की तुलना में हमें कुछ सफलता भी मिली है लेकिन इतने से संतोष नहीं मान नहीं सकते। दुनिया से हमारी चीजें अच्छी हैं, इतनी बात से हम सोच नहीं सकते, मुझे तो मेरे देशवासियों को महंगाई का बोझ कम से कम हो इस दिशा में और भी कदम उठाने हैं। और हम उस कदम को उठा कर रहेंगे। मेरा प्रयास निरंतर जारी रहेगा।
वैक्सीनेशन
पीएम मोदी ने कहा कि 200 करोड़ वैक्सीनेशन का काम किया गया। दुनिया जब हमें पूछती है न, 200 करोड़ सुनती है उनकी आंखे फट जाती है, इतना बड़ा काम। यह मेरे देश के आंगनबाड़ी वर्कर, हमारी आशा वर्कर, हमारी हेल्थ वर्कर उन्होंने करके दिखाया। यह मेरे देश का सामर्थ्य है। 5-G को रोल आउट किया, दुनिया में सबसे तेज गति से 5-G रोल आउट करने वाला मेरा देश है। 700 से अधिक जिलों तक हम पहुंच चुके हैं। और अब 6-G की भी तैयारी कर रहे हैं। हमने टास्क फोर्स बना दिया है।
आतंकी हमलों में कमी
पीएम मोदी ने कहा कि आए दिन हम लोग सुना करते थे, यहां बम धमाका हुआ, वहां बम धमाका हुआ। हर जगह पर लिखा हुआ रहता था कि इस बैग को मत छूना, एनाउसमेंट होते रहते थे। आज देश सुरक्षा की अनुभूति कर रहा है और जब सुरक्षा होती है, शांति होती है तो प्रगति के नए अरमान हम पूरे कर सकते हैं। उसके लिए सीरियल बम धमाके का जमाना बीती हुई बात हो गई है। निर्दोषों की जो मौत होती थी, वो बीते हुए कल की बात हो गई है। आज देश में आतंकी हमलों में भारी कमी आई है। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में भी बहुत बड़ा बदलाव आया है, बहुत बड़ा परिवर्तन का एक वातावरण बना है। अगर 2047 में हमें हमारे देश को विकसित भारत के रूप में देखना है तो हमें श्रेष्ठ भारत के मंत्र को जीना होगा, हमें चरित्रार्थ करना होगा।
विश्वकर्मा योजना
प्रधानमंत्री मोदी ने मंलगवार को कहा कि अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के कई समुदायों को नई ताकत देने के लिए अगले महीने विश्वकर्मा जयंती के मौके पर 'विश्वकर्मा योजना' शुरू की जाएगी। उन्होंने 77वें स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले की प्राचीर से राष्ट्र को संबोधित करते हुए कहा कि यह योजना भारत के लाखों व्यवसाइयों और कारीगरों के उत्थान के लिए एक महत्वपूर्ण कदम होगी। प्रधानमंत्री ने कुछ पेशेवर कामों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन कार्यों में लगे ज्यादातर लोग ओबीसी समुदाय से हैं। पीएम मोदी ने कहा कि इन लोगों को नई ताकत देने के लिए, आने वाली विश्वकर्मा जयंती पर करीब 13-15 हजार करोड़ रुपये से विश्वकर्मा योजना शुरू की जाएगी।
अगले साल फिर देश को संबोधित करने का जताया भरोसा
प्रधानमंत्री मोदी ने विश्वास जताया कि वह अगले साल लाल किले की प्राचीर से एक बार फिर राष्ट्र को संबोधित करेंगे और जनता से किए गए वादों की प्रगति उनके समक्ष प्रस्तुत करेंगे। लाल किले की प्राचीर से 77वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राष्ट्र को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि बदलाव का वादा मुझे यहां ले आया। मेरा प्रदर्शन मुझे एक बार फिर यहां ले आया। आने वाले पांच साल अभूतपूर्व विकास के हैं। वर्ष 2047 तक एक विकसित राष्ट्र के रूप में भारत के सपने को साकार करने के लिए यह एक स्वर्णिम क्षण है।