Mukhyamantri Ladki Bahin Yojana Scheme: महाराष्ट्र के राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन ने रविवार (26 जनवरी) को कहा कि सरकार की 'लाडकी बहिन योजना' के तहत राज्य की 2.46 करोड़ महिलाओं को कुल 21,000 करोड़ रुपये की सहायता प्रदान की गई है। मुंबई के शिवाजी पार्क में गणतंत्र दिवस समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने यह भी कहा कि महाराष्ट्र प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) आकर्षित करने में देश में पहले स्थान पर है।
राज्यपाल ने कहा, "मैं सभी से एक नया और मजबूत महाराष्ट्र बनाने का संकल्प लेने की अपील करता हूं। हम सभी को एक हजार अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था के अपने सपने को साकार करने के लिए मिलकर काम करना चाहिए।" बता दें कि लाडकी बहिन योजना ने पिछले साल भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाली 'महायुति' की विधानसभा चुनावों में जीत में प्रमुख भूमिका निभाई थी।
राज्यपाल ने कहा कि इस योजना के तहत जुलाई से दिसंबर 2024 तक लगभग 2.46 करोड़ महिलाओं को लगभग 21,000 करोड़ रुपये का लाभ दिया गया है। साल 2024 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव से पहले शुरू की गई लाडकी बहिन योजना के तहत आर्थिक रूप से वंचित वर्गों की पात्र महिलाओं को 1,500 रुपये का मासिक भत्ता दिया जाता है।
महाराष्ट्र में इस चर्चित स्कीम के 2.43 करोड़ से अधिक लाभार्थी हैं। इससे राज्य के खजाने पर हर महीने लगभग 3,700 करोड़ रुपये का बोझ पड़ता है। इस बीच, महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार ने आश्वासन दिया है कि 'मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिन योजना (Mukhya Mantri Majhi Ladki Bahin Yojana)' के तहत वितरित धनराशि की कोई वसूली नहीं की जाएगी।
पीटीआई के मुताबिक पवार का यह आश्वासन विपक्ष के इस दावे के बीच आया है कि सरकार लाभार्थियों की सूची में कटौती करेगी, अयोग्य व्यक्तियों को वितरित की गई धनराशि वापस लेगी और अंततः योजना को बंद कर देगी।
योजना से 'महायुति' को जीत में मिली मदद
लाडकी बहिन कार्यक्रम को पिछले साल राज्य चुनावों में महायुति गठबंधन की शानदार जीत का एक प्रमुख कारण माना गया था। बीजेपी सरकार द्वारा अब मासिक राशि बढ़ाकर 2,100 रुपये करने का वादा किया है। डिप्टी और वित्त मंत्री अजित पवार ने 2024-25 के अतिरिक्त बजट में इस योजना की घोषणा की थी।
इस योजना का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वतंत्र और आत्मनिर्भर बनाना है। सरकार 21 वर्ष से 65 साल की आयु वर्ग की महिलाओं को सालाना 18,000 रुपये वित्तीय सहायता देने का प्रस्ताव करती है। वे महिलाएं, जिनके परिवार की वार्षिक आय 2,50,000 रुपये है, वह इस योजना का लाभ उठा सकती हैं।