Land for Job Scam Case: नौकरी के बदले जमीन घोटाला मामले में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के प्रमुख और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव के परिवार को बड़ी राहत मिली है। दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट (Rouse Avenue court in Delhi) ने बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी (Rabri Devi), उनकी बेटी हेमा यादव और RJD सांसद मीसा भारती को अगली सुनवाई की अगली तारीख तक होने तक अंतरिम जमानत दे दी है। 'नौकरी के बदले जमीन' घोटाले के सिलसिले में राबड़ी देवी, बेटी हेमा यादव और मीसा शुक्रवार सुबह राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश होने के लिए पटना से दिल्ली पहुंचे थे।
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने रेलवे में 'नौकरी के बदले जमीन' से संबंधित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में 6 जनवरी को अपना पहला आरोपपत्र दाखिल किया, जिसमें बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी और उनकी सांसद बेटी मीसा भारती का नाम शामिल है। आरोपपत्र में राष्ट्रीय जनता दल के प्रमुख लालू प्रसाद यादव की एक और बेटी हेमा यादव (40), परिवार के एक कथित नजदीकी सहयोगी अमित कात्याल (49), एक पूर्व रेलवे कर्मचारी हृदयानंद चौधरी, दो कंपनी ए.के. इंफोसिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड और ए.बी. एक्सपोर्ट्स प्रा. लिमिटेड और दोनों कंपनी के समान निदेशक का भी नाम शामिल है।
ED ने इस मामले में कात्याल को पिछले साल नवंबर में गिरफ्तार किया था, जबकि लालू प्रसाद यादव और उनके बेटे एवं बिहार के उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव को समन जारी किया था, लेकिन वे अभी तक पूछताछ में शामिल नहीं हुए हैं। ED इस मामले में राबड़ी देवी (68) और उनकी तीन बेटियां- मीसा भारती (47), चंदा यादव और रागिनी यादव, से पूछताछ कर चुकी है। मीसा भारती RJD की राज्यसभा सदस्य भी हैं।
कथित घोटाला उस समय का है जब लालू प्रसाद यादव संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (UPA)-1 सरकार में रेल मंत्री थे। आरोप है कि 2004 से 2009 तक कई लोगों को भारतीय रेल के विभिन्न जोन में 'ग्रुप डी' के पदों पर नियुक्त किया गया और इसके बदले में इन लोगों ने अपनी भूमि तत्कालीन रेल मंत्री लालू प्रसाद एवं ए.के. इंफोसिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड को ट्रांसफर की थी। ED ने पहले कहा था कि ए.के. इंफोसिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड इस मामले में कथित तौर पर एक लाभार्थी कंपनी है। दक्षिणी दिल्ली के न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी में इसके रजिस्ट्रेशन पते का इस्तेमाल तेजस्वी यादव द्वारा किया जा रहा था। एजेंसी के मुताबिक, कात्याल इस कंपनी के निदेशक रह चुके हैं।
ए.बी. एक्सपोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड, तेजस्वी यादव और चंदा यादव के स्वामित्व वाली एक मुखौटा या नकली कंपनी है। इसका रजिस्टर्ड एड्रेस भी न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी स्थित बंगले का है। एजेंसी ने आरोप लगाया कि राबड़ी देवी और हेमा यादव ने रेलवे में नियुक्त लोगों से अवैध रूप से हासिल किए गए 4 भूखंड को मेरिडियन कंस्ट्रक्शन इंडिया लिमिटेड को बेच दिया। यह कंपनी RJD के पूर्व विधायक सैयद अबू दोजाना से संबंधित कंपनी है। इसके अलावा, राबड़ी देवी और हेमा यादव द्वारा प्राप्त अपराध की आय को ए.बी. एक्सपोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड और भागीरथी ट्यूब्स को हस्तांतरित कर दिया गया।
ED ने पहले दावा किया था, "राबड़ी देवी और हेमा यादव ने इन जमीन को 7.5 लाख रुपये की अधिग्रहण लागत के मुकाबले 3.5 करोड़ रुपये में बेच दिया, जिससे उन्हें भारी मुनाफा कमाया।' एजेंसी ने आरोपपत्र में अदालत से आरोपियों के खिलाफ धन शोधन के अपराध के लिए मुकदमा चलाने का अनुरोध किया है और इस मामले में पूर्व में कुर्क की गई संपत्तियों को जब्त करने की मांग की है। ED का मामला, CBI द्वारा दर्ज एक शिकायत से उपजा है। इस मामले में सीबीआई पहले ही आरोपपत्र दाखिल कर चुकी है।