Maharashtra Political Crisis: 'जबरन अस्पताल ले जाया गया, सिर में इंजेक्शन लगाया', वापस लौटे शिवसेना विधायक ने सुनाई आपबीती

शिवसेना (Shiv sena) विधायक नितिन देशमुख (Nitin Deshmukh) महाराष्ट्र लौट आए हैं। उन्होंने दावा किया है कि उनका अपहरण कर जबरन अस्पताल ले जाया गया था। उन्होंने कहा कि वह सीएम उद्धव ठाकरे के साथ हैं

अपडेटेड Jun 22, 2022 पर 4:35 PM
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महाराष्ट्र वापस लौटे शिवसेना विधायक नितिन देशमुख

Maharashtra Political Crisis: महाराष्ट्र (Maharashtra) में सियासी संकट के बीच बागी नेता एकनाथ शिंदे (Eknath Shinde) के खेमे में माने जाने वाले शिवसेना (Shiv sena) विधायक नितिन देशमुख (Nitin Deshmukh) महाराष्ट्र लौट आए हैं। उन्होंने दावा किया है कि उनका अपहरण कर जबरन अस्पताल ले जाया गया था। बालापुर विधायक ने यह भी कहा कि वह सीएम उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) के साथ हैं।

शिवसेना विधायक ने कहा, "मेरी तबीयत खराब नहीं थी। पुलिस के जवान मुझे जबरन अस्पताल ले गए और कहा कि मुझे हार्ट अटैक आ गया है। मेरे सिर में एक इंजेक्शन लगाया गया था। मुझे नहीं पता कि वो इंजेक्शन क्या था।" उन्होंने आगे कहा, "मेरा जबरन अपहरण हुआ है और मैं उद्धव ठाकरे के साथ हूं।"

दरअसल देशमुख को सोमवार रात होटल से सिविल अस्पताल ले जाया गाया था। रिपोर्टों में दावा किया गया है कि सूरत के एक होटल में विधायक के साथ उनके कुछ सहयोगियों ने मारपीट की थी। नितिन देशमुख शिवसेना के दूसरे बागी विधायकों के साथ यहां मौजूद थे।


Times of India की एक रिपोर्ट में, सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि देशमुख ने कहा कि वह यहां से जाना चाहते हैं। नितिन देशमुख महाराष्ट्र के अकोला जिले के बालापुर से शिवसेना विधायक हैं। वह उन 10 विधायकों में शामिल हैं, जो सोमवार रात शिंदे के साथ मुंबई से सूरत आए और लग्जरी होटल में ठहरे।

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शिवसेना के बागी नेता एकनाथ शिंदे ने मंगलवार को सिविल अस्पताल में देशमुख से मुलाकात की थी। वहीं दूसरी तरफ देशमुख की पत्नी प्रांजलि देशमुख ने अकोला के सिविल लाइंस पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि उनके पति "गायब" हो गए हैं। उनका सोमवार रात से कोई पता नहीं चल रहा है।

शिंदे मुंबई के पास ठाणे जिले से कई बार विधायक रहे हैं। वह MVA सरकार में कैबिनेट मंत्री थे। उन्होंने शिवसेना नेतृत्व के खिलाफ अब बगावत कर दी है और MVA सरकार पर संकट मंडरा रहा है।

बारे में कहा जाता है कि उन्होंने शिवसेना नेतृत्व के खिलाफ बगावत ढाई साल पुरानी महा विकास अघाड़ी (एमवीए) सरकार गिरा दी। एक संकट में।

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