Maharashtra Political Crisis: 'मुझसे ही बनी कुल्हाड़ी से मुझे काट रहे हो', उद्धव ठाकरे ने CM और शिवसेना अध्यक्ष पद छोड़ने का दिया ऑफर
उद्धव ने बगावत करने वाले विधायकों से सामने आकर बातचीत करने की अपील की है। उन्होंने कहा, "मैं मुख्यमंत्री पद पर अचानक और अनपेक्षित रूप से बैठा हूं। मेरी मुख्यमंत्री पद पर बैठने में कोई इच्छा नहीं है"
उद्धव ठाकरे ने CM और शिवसेना अध्यक्ष पद छोड़ने का दिया ऑफर
Maharashtra Political Crisis: शिवसेना (Shiv sena) के भीतर विद्रोह के बीच महाराष्ट्र (Maharashtra) के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) ने आखिरकार चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने कहा कि अगर एकनाथ शिंदे (Eknath Shinde) आकर बोल दें, तो मैं मुख्यमंत्री पद छोड़ने के लिए तैयार हूं। सब लोगों (MLA) ने मेरा समर्थन किया, लेकिन अपने ही लोगों (MLA) ने समर्थन नहीं किया।
उद्धव ने इस पूरे घटनाक्रम को एक कहानी के जरिए समझाने की कोशिश की है। अपने वर्चुअल लाइव संबोधन में उद्धव ने कहा, "मैं एक कहानी सुनाना चाहता हूं। एक लकड़ी काटने वाला लकड़ी काटते हुए पेड़ से बात करता है कि क्या कटने से तुम्हें वेदना हो रही है। तो पेड़ ने कहा कि मुझे तुम्हारे काटने की वजह से वेदना नहीं है। मुझे सिर्फ इस बात का दुख है कि जिस कुल्हाड़ी से तुम मुझे काट रहे हो वो मुझसे ही बनी हुई है।"
मुख्यमंत्री ने बगावत करने वाले विधायकों से सामने आकर बातचीत करने की अपील की है। उन्होंने कहा, "मैं मुख्यमंत्री पद पर अचानक और अनपेक्षित रूप से बैठा हूं। मेरी मुख्यमंत्री पद पर बैठने में कोई इच्छा नहीं है।"
उद्धव ठाकरे ने आगे कहा कि मैं शिवसेना प्रमुख का पद छोड़ने के लिए भी तैयार हूं, लेकिन एक बार सामने आकर मुझसे बात करें। मुझ से मिलकर चर्चा करें। अगर शिवसेना का मुख्यमंत्री बनेगा, तो मुझे खुशी होगी।
उद्धव ठाकरे ने अपने मन की बात जनता के सामने रखते हुए कहा कि मुझे आज शरद पवार का फोन आया था। उन्होंने कहा कि वो हमारे साथ सरकार बनाए रखना चाहते हैं। मगर मेरे ही सहयोगी नहीं चाहते कि मैं सरकार चलाऊं। अगर ये दिक्कत थी, तो ये बात मुझसे बतानी चाहिए थी। इसके लिए सूरत जाने की जरूरत नहीं थी।
उद्धव ठाकरे के संबोधन की खास बातें-
- मुख्यमंत्री ने कहा, "सिर्फ बगावती तेवर दिखाने वाले विधायक बोलें, तो मैं अभी ही मुख्यमंत्री पद छोड़ने के लिए तैयार हूं। मेरे ऊपर अविश्वास प्रस्ताव लाए जाने की स्थिति न लाई जाए। मेरे लोग ही आज मुझ पर अविश्वास जता रहे हैं।"
- उन्होंने आगे कहा कि मैं मुख्यमंत्री कभी नहीं बनना चाहता था। मैं NCP प्रमुख शरद पवार के आग्रह पर मुख्यमंत्री बनने के लिए तैयार हुआ हूं। शिवसेना कभी भी हिंदुत्व को छोड़ नहीं सकती है।
- उन्होंने आगे कहा कि शिवसेना और हिंदुत्व एक दूसरे के बगैर नहीं रह सकते हैं। अगर शिवसेना का ही मुख्यमंत्री बन रहा हो, तो मैं मुख्यमंत्री पद छोड़ने के लिए तैयार हूं।
- मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने एकनाथ शिंदे से भावनात्मक अपील की है। ठाकरे ने कहा कि शिवसेना अब बालासाहेब ठाकरे की शिवसेना नहीं रही। ऐसी अटकलें गलत हैं।
- ठाकरे ने कहा कि मुझे मुख्यमंत्री पद का अनुभव नहीं था, फिर भी मैंने एक जिद और हिम्मत के साथ अपनी भूमिका निभाई। मैंने जो शिवसेना प्रमुख बालासाहेब ठाकरे को वचन दिया था, उसको पूरा किया। शिवसेना इन भी राजनीतिक थपेड़ों से झुकने वाली या खत्म हो जाने वाली पार्टी नहीं है। मैं किन परिस्थितियों में मुख्यमंत्री बना ये मेरे लोग, हमारे विधायक और आम जनता जानती है।
- NCP प्रमुख शरद पवार, कांग्रेस प्रमुख सोनिया गांधी के साथ मीटिंग हुई उन लोगों के आग्रह पर मैं मुख्यमंत्री पद स्वीकार करने के लिए तैयार हुआ। कल मुझे कमलनाथ ने फोन किया था। आज मुझे शरद पवार ने फोन किया था। दोनों ने कहा कि हम आपके साथ हैं। आप कोई चिंता न करें।
- मुझे जिस बात की तकलीफ हुई, वह ये कि दोनों पार्टी के नेता मेरे साथ हैं। लेकिन मेरे अपने लोग ही मेरा साथ छोड़ रहे हैं। बगावती विधायकों से उन्होंने कहा कि आप ऐसी बातें कैसे कर रहे हैं कि बगावती लोगों की शिवसेना ही असली शिवसेना है। शिवसेना एक ही है। जो विधायक गायब हैं या कॉन्टैक्ट में नहीं हैं। उनसे मेरी अपील है कि वे मेरे सामने आएं। मेरा इस्तीफा ले जाकर वे सारे विधायक ही राज्यपाल को सौंपे।
- मैं खुद राज्यभवन नहीं जा सकता हूं। इसकी वजह ये है कि मैं कोरोना संक्रमित हूं। राज्यपाल कोश्यारी भी कोरोना से पीड़ित हैं। मगर उन्होंने मुझसे कहा कि अगर मैं खुद आऊं, तो वे मुझसे मिलने के लिए तैयार हैं।
- मेरे जीवन की कमाई मुख्यमंत्री पद नहीं है। आप लोगों का प्यार ही मेरे जीवन की कमाई है। लोकतंत्र में सब कुछ संख्या बल का खेल है। जिनके पास संख्या होती है, वे ही सरकार बनाते हैं। मुझे मुख्यमंत्री और शिवसेना प्रमुख पद का लालच नहीं है। दोनों पद छोड़ने के लिए तैयार हूं। मैं सिर्फ इतना चाहता हूं, ये पद छोड़ने के बाद भी मैं राजनीतिक रूप से सब जगह आऊं और जाऊं।
- इस समय मैं ये चाहता हूं कि जिस तरह हम एक-दूसरे के सामने आते थे। वैसे ही आगे भी एक-दूसरे के सामने आते रहें और आपसी भाईचारा कायम रहे। मैं बिल्कुल भी मजबूर नहीं हूं।
- सीएम ने कहा कि मैंने ऐसी कई चुनौतियों भी सामना किया है। आगे भी सामना करूंगा। मुख्यमंत्री पद पर रहते हुए हिंदुत्व के बारे में खुलकर बोलने वाला मैं अकेला मुख्यमंत्री रहा हूं।