वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह (Digvijay Singh) ने बुधवार को आरोप लगाया कि मध्य प्रदेश (MP) सरकार सत्तारूढ़ BJP के 'चुनावी एजेंडे' के लिए पब्लिक फंड का इस्तेमाल कर रही है। उन्होंने अधिकारियों पर आंकड़ों में हेरफेर कर के राज्य की पहले से ही कमजोर वित्तीय स्थिति को और नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया। उन्होंने ये भी चेतावनी दी कि अगर आगामी विधानसभा चुनाव (Assembly Elections) के बाद कांग्रेस राज्य में सत्ता में आती है, तो वरिष्ठता की परवाह किए बिना दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सिंह पर उनके आरोपों और अधिकारियों को 'धमकी देने' को लेकर पलटवार किया। 230 सदस्यीय विधान सभा के लिए चुनाव इस साल के आखिर तक होने वाले हैं।
दिग्विजय सिंह ने बुधवार को अपने 'X' अकाउंट पर एक पोस्ट में कहा कि राज्य की आर्थिक स्थिति को देखते हुए मध्य प्रदेश वित्त विभाग के अधिकारियों को सतर्क रहने की जरूरत है।
कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य ने कहा, "BJP के चुनावी एजेंडे को पूरा करने के लिए वित्त विभाग के शीर्ष अधिकारी आंकड़ों में हेरफेर कर रहे हैं और राज्य की पहले से ही कमजोर वित्तीय स्थिति को और नुकसान पहुंचा रहे हैं।"
उन्होंने दावा किया कि राज्य के वित्त विभाग ने पहले ही 137 योजनाओं की फंडिंग रोक दी है। पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लाया, "दूसरे महत्वपूर्ण योजनाओं का बजट भी बिना किसी घोषणा के रोका जा रहा है और सरकार का पैसा BJP के चुनावी एजेंडे में लगाया जा रहा है। इस तरह, वित्त विभाग के शीर्ष अधिकारी कई महत्वपूर्ण खर्चों को वर्तमान के लिए टाल रहे हैं और भविष्य के लिए बड़ी देनदारियां बना रहे हैं।”
उन्होंने ये भी दावा किया कि उन्हें जानकारी मिली है कि वरिष्ठ अधिकारी अपने अधीनस्थों पर मनचाही नोटशीट लिखने का दबाव बना रहे हैं।
सिंह ने कहा कि राज्य पर वास्तविक कर्ज जितना दिखाया जा रहा है, उससे कहीं ज्यादा है। उन्होंने कहा कि अलग-अलग विभागों के फंड को सरकार के चुनावी एजेंडे के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है।
उन्होंने कहा, "मैं दोषी अधिकारियों को चेतावनी देना चाहता हूं कि कांग्रेस सरकार के सत्ता में आने के बाद इन गतिविधियों की गहन जांच की जाएगी और उनकी वरिष्ठता की परवाह किए बिना उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी"
सिंह की पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए सीएम चौहान ने कहा, "दिग्विजय सिंह अधिकारियों को धमका रहे हैं, कह रहे हैं कि पैसे का दुरुपयोग किया जा रहा है। वे (विपक्ष) कह रहे हैं कि इतना पैसा कहां से आ रहा है? जब अच्छे और नेक लोग सरकार चलाते हैं, तो भगवान भी खुश होते हैं।”
उन्होंने भोपाल में 'मुख्यमंत्री कृषक मित्र योजना' प्रोग्राम को संबोधित करते हुए पूछा, इसमें समस्या क्या है, क्योंकि कांग्रेस कहती थी कि हमारे पास पैसा नहीं है।
जाहिर तौर पर कांग्रेस नेता और अपने पूर्ववर्ती कमल नाथ का जिक्र करते हुए सीएम चौहान ने कहा, "पूर्व मुख्यमंत्री कहते थे - 'मुझे क्या करना चाहिए? मेरे पास कोई पैसा नहीं है, क्योंकि मामा ने खजाना खाली कर दिया है'.... मानों कि मैं मामा नहीं बल्कि औरंगजेब हूं। वह रोते रहे कि उनके पास पैसे नहीं हैं। मैं कहता हूं कि मेरे पास पैसों की कोई कमी नहीं है।"
कमलनाथ के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार ने दिसंबर 2018 से मार्च 2020 तक मध्य प्रदेश में शासन किया।
पार्टी नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया के विद्रोह के कारण राज्य में उनके कई वफादार विधायकों को पार्टी छोड़नी पड़ी, जिससे नाथ सरकार गिर गई। भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार ने हाल ही में लाडली बहना योजना सहित कई रियायतों की घोषणा की है, जिसके तहत पात्र महिला लाभार्थियों को प्रति माह 1,250 रुपए दिए जाते हैं।