Accidental PM Row: केंद्रीय मंत्री बोले- 'एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर थे नेहरू', कांग्रेस ने किया पलटवार

Accidental PM Row: एक समारोह के दौरान केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने देश के पहले पीएम पंडित जवाहरलाल नेहरू को एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर करार देकर नए विवाद को जन्म दे दिया है। उन्होंने कहा कि डॉ. भीमराव अंबेडकर या सरदार पटेल आजाद भारत के बाद उस समय प्रधानमंत्री बन सकते थे, लेकिन नेहरू को पीएम बनाया गया

अपडेटेड Jan 12, 2025 पर 9:40 PM
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Accidental PM Row: केंद्रीय मंत्री के इस टिप्पणी पर कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया दी है

Accidental PM Row: केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने हरियाणा के रोहतक में महर्षि दयानंद यूनिवर्सिटी में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि कांग्रेस के दिग्गज नेता और भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू एक 'एक्सीडेंटल प्रधानमंत्री' थे। उन्होंने कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल और बाबा साहेब डॉ. बीआर अंबेडकर इस पद के योग्य उम्मीदवार थे। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब या सरदार पटेल आजाद भारत के पहले प्रधानमंत्री बन सकते थे, लेकिन नेहरू को पीएम बनाया गया। इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।

रिपोर्ट के मुताबिक, केंद्रीय मंत्री ने महर्षि दयानंद यूनिवर्सिटी में एक सभा को संबोधित करते हुए कहा, "मैं कहना चाहता हूं कि पंडित जवाहरलाल नेहरू दुर्घटनावश प्रधानमंत्री बन गए थे। उनकी जगह सरदार वल्लभभाई पटेल और डॉ. बीआर अंबेडकर इसके (भारत के पहले पीएम बनने के लिए) हकदार थे।" हरियाणा के पूर्व सीएम मनोहर लाल खट्टर ने पंडित नेहरू को एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर कहकर नए विवाद को जन्म दे दिया है। इसको लेकर सियासत तेज हो गई है।

कांग्रेस ने किया पलटवार


हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि जो खुद एक्सीडेंटल चीफ मिनिस्टर (हरियाणा के) बने हो, उन्हें ऐसा कहना शोभा नहीं देता। उन्‍होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर को जितना सम्मान दिया है, वह किसी पार्टी ने नहीं दिया। कांग्रेस पार्टी ने ही बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर को संविधान सभा का चेयरमैन बनाया था। वही, हुड्डा ने प्रदेश सरकार से मांग की है कि जिन किसानों की फसल खराब हुई है, उन्हें मुआवजा मिलना चाहिए।

किसान आंदोलन को लेकर भी भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कटाक्ष करते हुए कहा कि केंद्र सरकार को अपना अड़ियल रवैया त्याग कर किसानों से बातचीत करनी चाहिए, ताकि समाधान निकाल सके। उन्होंने डल्लेवाल की बिगड़ती हालत को लेकर भी चिंता जताई। भूपेंद्र हुड्डा ने मौजूदा प्रदेश सरकार पर कटाक्ष करते हुए कहा कि मौजूदा सरकार के दौरान अपराध दिनों दिन बढ़ता जा रहा है और प्रदेश सरकार उस पर लगाम लगाने में नाकाम साबित हुई है।

राजनीति के केंद्र में रहने हैं नेहरू

यह पहली बार नहीं है जब भारतीय जनता पार्टी (BJP) के किसी नेता ने नेहरू के खिलाफ बात की हो। पिछले महीने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत कई बीजेपी नेताओं ने अंबेडकर को लेकर राजनीतिक बयानबाजी के दौरान भारत के पहले प्रधानमंत्री पर हमला बोला था।

सीएम योगी ने कांग्रेस पर तीखा हमला करते हुए आरोप लगाया था कि कांग्रेस ने अपने जीवनकाल में 'भारत के संविधान निर्माता' अंबेडकर का बार-बार अपमान किया और उनकी मौत के बाद उनकी विरासत को कमजोर किया। उन्होंने यह भी दावा किया कि नेहरू संविधान की मसौदा समिति में अंबेडकर को शामिल किए जाने के खिलाफ थे।

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राज्यसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने पिछले महीने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर राज्यों को आरक्षण पर नेहरू के पत्र के बारे में "तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर" देश को गुमराह करने का आरोप लगाया।

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