विदेश मंत्री एस जयशंकर (S Jaishankar) समेत नौ सांसदों ने सोमवार को राज्यसभा के सदस्य (Rajya Sabha Members) के रूप में शपथ ली। संसद भवन में उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ ने सदस्यों को शपथ दिलाई। जयशंकर ने अंग्रेजी में शपथ ली। राज्यसभा सांसद के रूप में ये उनका दूसरा कार्यकाल है। वे पहली बार साल 2019 में निर्वाचित हुए थे।
जयशंकर के अलावा राज्यसभा की सदस्यता की शपथ लेने वाले भारतीय जनता पार्टी सदस्यों में गुजरात से बाबूभाई जेसांगभाई देसाई और केसरीदेवसिंह दिग्विजय सिंह झाला, पश्चिम बंगाल से नागेन्द्र राय शामिल हैं।
इसके अलावा तृणमूल कांग्रेस के पांच सांसदों ने भी उच्च सदन के सदस्य के रूप में शपथ ली। इनमें डेरेक ओब्रायन, डोला सेन, सुखेन्दू शेखर रे, प्रकाश चिक बाराइक और समिरूल इस्लाम शामिल हैं। ओब्रायन, सेन और रे ने बंगाली में शपथ ली।
टीएमसी सांसद डेरेक ओ'ब्रायन ने एक X पोस्ट में कहा कि आज शपथ लेने वाले पांच लोगों में से दो नए सदस्य- प्रकाश चिक बड़ाइक और समीरुल इस्लाम थे। उन्होंने कहा कि सांसदों ने बंगाल के लोगों की सेवा करने और "INDIA के लोगों के लिए बोलने" की शपथ ली है।
इससे पहले जुलाई में, विदेश मंत्री एस जयशंकर ने गुजरात के गांधीनगर में आगामी राज्यसभा चुनाव के लिए अपना नामांकन पत्र दाखिल किया था।
चुनाव आयोग (ECI) की तरफ से 10 राज्यसभा सीटों पर चुनाव के कार्यक्रम की घोषणा की गई थी। गोवा, गुजरात और पश्चिम बंगाल की इन सीटों के लिए चुनाव 24 जुलाई को होना था। वोटों की गिनती भी उसी तारीख को हुई।
जयशंकर को 2019 में गुजरात से राज्यसभा सदस्य के रूप में चुना गया, जब वह केंद्रीय मंत्रिमंडल का हिस्सा बने।
हाल ही में संसद के मानसून सत्र के दौरान टीएमसी नेता डेरेक ओ ब्रायन को उच्च सदन से लगभग निलंबित कर दिया गया था। सभापति जगदीप धनखड़ ने उन्हें बाकी के सत्र के लिए निलंबित करने की घोषणा की और फिर लगभग 35 मिनट में उन्हें सदन में वापस आने दिया।
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने ओ'ब्रायन को बाकी के मानसून सत्र के लिए निलंबित करने का प्रस्ताव पेश किया था। ये सब तब हुआ, जब ओ'ब्रायन ने नियम 267 के तहत बोलने की मांग की थी। इसी नियम के तहत विपक्षी गठबंधन मणिपुर मुद्दे पर चर्चा की मांग कर रहा था।