प्रवर्तन निदेशालय (ED) के अधिकारी स्कूल में नौकरियों से संबंधित कथित घोटाले के मामले में गिरफ्तार पश्चिम बंगाल के मंत्री पार्थ चटर्जी को कलकत्ता हाई कोर्ट के निर्देशानुसार एक एयर एंबुलेंस के जरिए सोमवार को ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर लेकर गए। हाई कोर्ट ने चटर्जी को तगड़ा झटका देते हुए कोलकाता के एसएसकेएम सुपर-स्पेशियलिटी अस्पताल से एम्स भुवनेश्वर में शिफ्ट करने का निर्देश दिया था।
अदालत ने 24 जुलाई को ईडी को निर्देश दिया था कि वह चटर्जी को सोमवार सुबह एयर एंबुलेंस से अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS), भुवनेश्वर ले जाए। कथित घोटाले को लेकर ईडी की जांच के सिलसिले में चटर्जी को गिरफ्तार किया गया है। जब यह कथित घोटाला हुआ था, उस समय चटर्जी शिक्षा मंत्री थे।
ईडी के एक अधिकारी ने कहा कि कलकत्ता हाई कोर्ट के निर्देशानुसार उन्हें (चटर्जी को) एक एयर एंबुलेंस से भुवनेश्वर ले जाया गया है। उन्होंने कहा कि हमारे अधिकारी उन्हें लेने के लिए ओडिशा एयरपोर्ट पर मौजूद थे।
इससे पहले चटर्जी को सरकारी एसएसकेएम अस्पताल से एक एंबुलेंस के जरिए कोलकाता एयरपोर्ट ले जाया गया। चटर्जी का एसएसकेएम अस्पताल में इलाज चल रहा था। कोलकाता पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि चटर्जी को ले जाने के लिए हरित गलियारा बनाया गया था, जिससे वह करीब 30 मिनट में यहां एयरपोर्ट पहुंच गए।
ईडी के अधिकारी ने बताया कि चटर्जी के दो वकील भी उनके साथ यात्रा कर रहे हैं। राज्य के उद्योग एवं संसदीय मामलों के मंत्री चटर्जी को कोलकाता की एक निचली अदालत ने सोमवार तक ईडी की हिरासत में भेजा था।
ED ने 23 जुलाई को किया था गिरफ्तार
मुखर्जी को प्रवर्तन निदेशालय ने शनिवार 23 जुलाई को गिरफ्तार किया था। ईडी की ओर से गिरफ्तार किए जाने के बाद शनिवार को चटर्जी की तबियत बिगड़ गई थी। उसके बाद अदालत के आदेश के बाद उन्हें कोलकाता के एसएसकेएम अस्पताल में भर्ती कराया गया।
69 वर्षीय चटर्जी वर्तमान में ममता बनर्जी सरकार में उद्योग और संसदीय मामलों के विभाग को संभाल रहे थे। वह वर्ष 2014 से 2021 तक शिक्षा मंत्री थे। उनके शिक्षा मंत्री रहने के दौरान शिक्षक भर्ती में कथित अनियमितताएं हुईं।
ईडी ने मामले की जांच के तहत राज्य के कई हिस्सों में 22 जुलाई को छापेमारी की थी। इस दौरान पार्थ चटर्जी की करीबी अर्पिता मुखर्जी के आवास से 21 करोड़ रुपये से अधिक की नकदी और अन्य सामान बरामद किए थे। तृणमूल कांग्रेस के प्रवक्ता कुणाल घोष ने कहा कि पार्टी का उस महिला से कोई संबंध नहीं है, जिसके पास से नकद राशि मिली है।