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PM Modi Gujarat Visit: पीएम मोदी आज द्वारका और राजकोट के दौरे पर, सुदर्शन सेतु का किया उद्घाटन, 5 नए AIIMS की देंगे सौगात

PM Modi Gujarat Visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिन के गुजरात दौरे पर हैं। शनिवार (24 फरवरी 2024) की शाम को ही जामनगर पहुंच गए थे। पीएम आज सौराष्ट्र में 52,000 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों का लोकार्पण और शुभारंभ करेंगे। उन्होंने द्वारका में बेट द्वारका को जोड़ने वाले 'सुदर्शन सेतु' का उद्घाटन किया

Jitendra Singhअपडेटेड Feb 25, 2024 पर 9:12 AM
PM Modi Gujarat Visit: पीएम मोदी आज द्वारका और राजकोट के दौरे पर, सुदर्शन सेतु का किया उद्घाटन, 5 नए AIIMS की देंगे सौगात
PM Modi Gujarat Visit: पीएम मोदी ने दिसंबर 2020 में वीडियो कांफ्रेसिग के जरिए राजकोट एम्स की आधारशिला रखी थी।

PM Modi Gujarat Visit: लोकसभा चुनाव 2024 से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिवसीय गुजरात दौरे पर हैं। प्रधानमंत्री करोड़ों रुपये की लागत की परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे। शनिवार (24 फरवरी 2024) रात को पीएम मोदी ने जामनगर शहर में एयरपोर्ट से सर्किट हाउस तक रोड शो किया। रविवार (25 फरवरी) को पीएम मोदी सौराष्ट्र क्षेत्र के देवभूमि द्वारका और राजकोट जिलों में होने वाले दो कार्यक्रमों में शामिल हुए। देवभूमि द्वारका में पीएम मोदी अरब सागर पर बने देश के सबसे लंबे केबल आधारित पुल 'सुदर्शन सेतु' को राष्ट्र को समर्पित कर दिया। वहीं अब राजकोट में गुजरात के पहले अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) का उद्घाटन करेंगे। पीएम मोदी ने दिसंबर 2020 में वीडियो कांफ्रेसिग के जरिए राजकोट एम्स की आधारशिला रखी थी।

पीएम देश भर में स्वास्थ्य, सड़क, रेल, ऊर्जा और पर्यटन से संबंधित 52,250 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं की शुरुआत करेंगे। प्रधानमंत्री राजकोट के साथ ही मंगलगिरी (आंध्र प्रदेश), बठिंडा (पंजाब), रायबरेली (उत्तर प्रदेश), और कल्याणी (पश्चिम बंगाल) स्थित चार नए बने अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) का भी उद्घाटन करेंगे।

पीएम मोदी सुदर्शन सेतु का करेंगे उद्घाटन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 25 फरवरी को गुजरात में ओखा-बेट सुदर्शन सेतु का उद्घाटन किया।  978 करोड़ रुपये की लागत से बना ओखा-बेट द्वारका ब्रिज कच्छ की खाड़ी और ओखा में बेट द्वारका द्वीप को जोड़ने वाला सबसे लंबा पुल है। ब्रिज की कुल लंबाई 2,320 मीटर (7,612 फीट) है। द्वारकाधीश मंदिर के दर्शन के लिए जल परिवहन पर तीर्थयात्रियों की लंबे समय से चली आ रही निर्भरता को संबोधित करते हुए मोदी सरकार ने 2017 में पुल की पहल की थी। यह ब्रिज भारत के सबसे लंबे केबल-आधारित ब्रिज के रूप में खड़ा है। इसके फुटपाथ पर सौर पैनल हैं, जो एक मेगावाट बिजली पैदा कर सकता है। इसके किनारों पर भगवद गीता के श्लोक और भगवान कृष्ण की छवियां बनाई गई हैं।

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