PM Modi Visit Russia: रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ व्यापक बातचीत करने के लिए जुलाई की शुरुआत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मॉस्को की संक्षिप्त यात्रा को लेकर भारत और रूस के अधिकारी तैयारी में लगे हुए हैं। CNN-News18 को पता चला है कि प्रधानमंत्री मोदी 8 जुलाई को नई दिल्ली और मॉस्को के बीच द्विपक्षीय संबंधों पर चर्चा करने के लिए रूस का दौरा करेंगे। सरकार के शीर्ष सूत्रों ने बताया कि इस यात्रा के दौरान दोनों नेता रक्षा, तेल, गैस और अन्य भारतीय रणनीतिक हितों पर चर्चा करेंगे।
यह यात्रा प्रधानमंत्री मोदी की हाल ही में इटली में G7 शिखर सम्मेलन में भाग लेने के बाद महत्वपूर्ण है, क्योंकि अधिकांश वैश्विक नेतृत्व बदलाव के दौर से गुजर रहा है। यहां तक कि अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव भी कुछ ही महीने दूर है।
राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल पहले ही कई मौकों पर रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मिल चुके हैं। प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा को आगे का रास्ता तय करने के भारत के प्रयासों के हिस्से के रूप में देखा जा सकता है।
प्रधानमंत्री मोदी ने पिछली बार 2022 में उज्बेकिस्तान में शंघाई सहयोग संगठन शिखर सम्मेलन के दौरान रूसी राष्ट्रपति से मुलाकात की थी, जहां उन्होंने पुतिन से कहा था कि आज का युग 'युद्ध का नहीं' है।
5 सालों में पीएम का पहला दौरा
करीब 5 वर्षों में भारतीय प्रधानमंत्री का यह पहला रूस दौरा होगा। पीएम मोदी ने सितंबर 2019 में आर्थिक संगोष्ठी में हिस्सा लेने के लिए रूस के सुदूर पूर्वी शहर व्लादिवोस्तोक का दौरा किया था। भारत की ओर से पीएम मोदी के संभावित दौरे को लेकर किसी प्रकार की कोई पुष्टि नहीं की गई है। लेकिन क्रेमलिन के एक अधिकारी ने बताया कि पीएम मोदी के रूस दौरे को लेकर तैयारियां की जा रही हैं।
रूसी राष्ट्रपति के सहायक यूरी उशाकोव ने कहा, ''मैं इस बात की पुष्टि कर सकता हूं कि हम भारतीय प्रधानमंत्री के दौरे की तैयारियां कर रहे हैं। हम तरीख नहीं बता सकते हैं क्योंकि इसकी घोषणा सहमति बनने के बाद पक्षकारों द्वारा की जाती है।'' पीटीआई के मुताबिक एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, "लेकिन हम जोरशोर से तैयारी कर रहे हैं। मैं एक बार फिर जोर देकर कहना चाहता हूं कि यह दौरा होगा।"
2021 में भारत आए थे पुतिन
अब तक भारत और रूस के बीच क्रमश: एक दूसरे के देशों में 21 वार्षिक शिखर सम्मेलन हुए हैं। पिछला शिखर सम्मेलन नई दिल्ली में 6 दिसंबर 2021 को आयोजित किया गया था। राष्ट्रपति पुतिन शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए भारत आए थे।
क्रेमलिन के अधिकारी का रूस द्वारा मोदी के दौरे की तैयारी किए जाने को लेकर बयान ऐसे समय आया है जब प्रधानमंत्री ने तीन और चार जुलाई को कजाखिस्तान में होने वाले शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के शिखर सम्मेलन में हिस्सा नहीं लेने का फैसला किया है। रूस इस साल अक्टूबर में ब्रिक्स (ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका) शिखर सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है और उसे उम्मीद है कि प्रधानमंत्री मोदी भी इसमें शामिल होंगे।