पंजाब (Punjab) के पठानकोट (Pathankot) में बीजेपी सांसद और बॉलीवुड अभिनेता सनी देओल (Sunny Deol) के "लापता" के पोस्टर (Missing Posters) लगाए जाने का मामला आया है। गुरदासपुर से सांसद के खिलाफ शहर के कई घरों, रेलवे स्टेशनों, गाड़ियों और दीवारों पर 'गुमशुदा की तलाश' के पोस्टर चिपकाए गए हैं।
देओल ने 2019 का आम चुनाव BJP के टिकट पर जीता था। पोस्टर चिपकाने वालों का कहना है कि देओल सांसद बनने के बाद कभी गुरदासपुर नहीं आए। गुस्साए स्थानीय लोगों ने कहा कि अगर देओल काम नहीं करना चाहते हैं, तो उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए।
न्यूज एजेंसी ANI ने प्रदर्शन कर रहे एक स्थानीय के हवाले से कहा, "सांसद बनने के बाद वे कभी गुरदासपुर नहीं गए। वह खुद को पंजाब का बेटा कहते हैं, लेकिन उन्होंने कोई औद्योगिक विकास नहीं किया है। एमपी फंड अलॉट नहीं किया है या यहां केंद्र सरकार की कोई योजना नहीं लाई है।"
उन्होंने कहा, "अगर वह काम नहीं करना चाहते हैं, तो उन्हें अपना इस्तीफा दे देना चाहिए।"
सांसद चुने जाने के बाद से लगातार सनी देओल को प्रतिद्वंद्वी राजनीतिक दलों की आलोचना का सामना करना पड़ा है। अभिनेता से राजनेता बने सनी ने गुरदासपुर-पठानकोट खंड का आखिरी बार सितंबर 2020 में दौरा किया था। तब उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात कर Covid-19 महामारी और दूसरे मुद्दों पर चर्चा की थी। उन्होंने आम जनता के चुनिंदा लोगों से भी मुलाकात की थी।
अपने इस आखिरी दौरे से 6 महीने पहले सनी देओल अपने संसदीय क्षेत्र में आए थे। हालांकि, उन्होंने तब जनता के बीच जाने से परहेज किया था, क्योंकि उस दौरान पंजाब के किसानों में तीन कृषि कानूनों को लेकर काफी गुस्सा था।
इसके अलावा देओल हाल ही में हुए पंजाब विधानसभा चुनावों में भी बीजेपी उम्मीदवारों के लिए प्रचार करने नहीं आए थे। जबकि उनके सेलिब्रिटी स्टेटस के चलते ऐसे समय में उनकी काफी डिमांड थी।
पूरे माझा क्षेत्र में, भाजपा केवल एक सीट-पठानकोट को सुरक्षित कर सकी। इस सीट से बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष अश्विनी शर्मा विधायक चुने गए थे।