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President Rule in Manipur: मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लागू, बीरेन सिंह के इस्तीफे के बाद BJP नहीं कर पाई नए मुख्यमंत्री की घोषणा

President Rule in Manipur: मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने 21 महीने की जातीय अशांति के बाद 9 फरवरी को इस्तीफा दे दिया था। उसके बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) नए सीएम की तलाश कर रही थी। लेकिन बीजेपी अभी तक नए सीएम के नाम पर सहमत नहीं बना पाई है। इसके बाद राज्य में राष्ट्रपति शासन लग गया है। 1950 से अब तक 29 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 134 बार राष्ट्रपति शासन लगाया जा चुका है

Akhileshअपडेटेड Feb 13, 2025 पर 8:06 PM
President Rule in Manipur: मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लागू, बीरेन सिंह के इस्तीफे के बाद BJP नहीं कर पाई नए मुख्यमंत्री की घोषणा
President Rule in Manipur: मणिपुर के मुख्यमंत्री के रूप में बीरेन सिंह का कार्यकाल जातीय हिंसा से निपटने और संघर्ष भड़काने के आरोपों समेत कई विवादों से घिरा रहा

President Rule in Manipur: मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह के इस्तीफे के बाद मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लगाने की घोषणा कर दी गई है। मणिपुर के सीएम एन बीरेन सिंह ने 21 महीने की जातीय अशांति के बाद 9 फरवरी को इस्तीफा दे दिया था। उसके बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) नए सीएम की तलाश कर रही थी। बीजेपी अभी तक नए सीएम के नाम पर सहमत नहीं बना पाई है। इसके बाद राज्य में राष्ट्रपति शासन लग गया है। 1950 से अब तक 29 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 134 बार राष्ट्रपति शासन लगाया जा चुका है। इसमें मणिपुर और उत्तर प्रदेश में 10-10 बार राष्ट्रपति शासन लगाया गया है।

गृह मंत्रालय (MHA) ने एक आधिकारिक अधिसूचना जारी कर राज्य में राष्ट्रपति शासन की घोषणा की है। मणिपुर में राष्ट्रपति शासन की घोषणा करते हुए गृह मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना में कहा गया है कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का मानना है कि ऐसी स्थिति उत्पन्न हो गई है जिसमें इस राज्य की सरकार संविधान के प्रावधानों के अनुसार नहीं चल सकती।

अधिसूचना में कहा गया है, "अब, संविधान के अनुच्छेद 356 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए, मैं घोषणा करती हूं कि मैं भारत के राष्ट्रपति के रूप में मणिपुर राज्य सरकार के सभी कार्यों और इस राज्य के राज्यपाल द्वारा निहित या प्रयोग की जाने वाली सभी शक्तियों को अपने अधीन करती हूं।" अधिसूचना में कहा गया है कि विधानसभा को निलंबित कर दिया गया है।

बीजेपी के पूर्वोत्तर प्रभारी संबित पात्रा और विधायकों के बीच कई दौर की चर्चा के बावजूद भारतीय जनता पार्टी सीएम पद के लिए नए नेता का नाम तय करने में विफल रही। पात्रा पिछले दो दिनों में राज्यपाल अजय कुमार भल्ला से दो बार मिल चुके हैं। मंगलवार को पात्रा ने प्रदेश पार्टी अध्यक्ष ए शारदा देवी के साथ भल्ला से बातचीत की। फिर बुधवार को उन्होंने फिर राज्यपाल से मुलाकात की। हालांकि, नए सीएम को लेकर बात नहीं बन पाई।

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