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आज BJP पर हिंदू-मुस्लिम करने का आरोप लगाने वाली कांग्रेस ने जब आजादी के तुरंत बाद अयोध्या उपचुनाव को दे दिया था सांप्रदायिक रंग

Ram Mandir Inauguration: जो लोग बाबरी आंदोलन को केवल संघ परिवार या BJP का आंदोलन समझ रहे हैं, उन्हें शायद ये इतिहास नहीं मालूम कि आजादी के बाद राम मंदिर बनाने का सबसे पहला वादा कांग्रेस ने ही किया था। वादा ये भी था कि बाबरी मस्जिद को हटाकर, वहां पर राम मंदिर का निर्माण होगा। कांग्रेस ने चतुराई से एक हिंदूवादी नेता और समाज सुधारक बाबा राघव दास को पार्टी का टिकट दे दिया

Brijesh Shuklaअपडेटेड Jan 08, 2024 पर 3:38 PM
आज BJP पर हिंदू-मुस्लिम करने का आरोप लगाने वाली कांग्रेस ने जब आजादी के तुरंत बाद अयोध्या उपचुनाव को दे दिया था सांप्रदायिक रंग
आज BJP पर हिंदू-मुस्लिम करने का आरोप लगाने वाली कांग्रेस ने जब आजादी के तुरंत बाद अयोध्या उपचुनाव को दे दिया था सांप्रदायिक रंग

Ram Mandir Inauguration: ये बात है साल 1948 की... अयोध्या (Ayodhya) की सड़कों पर पोस्टर लगे थे, जिसमें आचार्य नरेंद्र देव (Acharya Narendra Dev) के 10 सर दिखाए गए थे और उन्हें रावण बताया गया था। उनके सामने कांग्रेस (Congress) प्रत्याशी बाबा राघव दास (Raghav Das) थे, जो धनुष बाण लिए राम की भूमिका में खड़े रावण का वध कर रहे थे । पोस्टर में लिखा था की 'यदि कांग्रेस प्रत्याशी बाबा राघव दास जीते, तो राम जन्मभूमि को विधर्मियों के चंगुल से मुक्त कराया जाएगा और बाबरी मस्जिद (Babri Masjid) को हटाकर वहां राम मंदिर (Ram Mandir) का निर्माण होगा।'

कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ रहे, बाबा राघव दास भी अपनी हर सभा में संकल्प ले रहे थे कि अगर वह अयोध्या विधान सभा का चुनाव जीते, तो राम जन्मभूमि को मुक्त कराया जाएगा और विधर्मियों की बाबरी मस्जिद को हटा दिया जाएगा। अयोध्या की यह चुनावी लड़ाई बहुत रोचक हुई थी।

बाबा राघव दास अपनी हर जनसभा में बहुत ही आक्रामक शैली से बाबरी मस्जिद और उसके समर्थकों पर हमला बोलते थे और कहते थे की राम जन्मभूमि पर इस तरह का बाबरी ढांचा खड़ा कर देना पूरे देश और समाज के लिए शर्मनाक है और अयोध्या के लिए भी।

जो लोग बाबरी आंदोलन को केवल संघ परिवार या BJP का आंदोलन समझ रहे हैं, उन्हें शायद ये इतिहास नहीं मालूम कि आजादी के बाद राम मंदिर बनाने का सबसे पहला वादा कांग्रेस ने ही किया था। वादा ये भी था कि बाबरी मस्जिद को हटाकर, वहां पर राम मंदिर का निर्माण होगा।

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