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Ram Mandir: 'मंदिर के कपाट खुलने से लोगों के दिलों के दरवाजे भी खुलेंगे' फारूक अब्दु्ल्ला ने राम मंदिर उद्घाटन पर जताई ये उम्मीद

Ram Mandir Inauguration: पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि वह भगवान राम को लेकर अपनी टिप्पणी पर आलोचना या वोट नहीं मिलने से नहीं डरते। अब्दुल्ला ने कहा, "राम जितने आपके हैं उतने ही मेरे भी हैं। मैंने एक पाकिस्तानी विद्वान की तरफ से कुरान का अनुवाद पढ़ा है और उन्होंने राम के बारे में भी बात की और कहा कि वह (राम) चाहते थे कि सभी लोग भाईचारे और प्रेम के साथ आगे बढ़ें

MoneyControl Newsअपडेटेड Jan 09, 2024 पर 6:30 AM
Ram Mandir: 'मंदिर के कपाट खुलने से लोगों के दिलों के दरवाजे भी खुलेंगे' फारूक अब्दु्ल्ला ने राम मंदिर उद्घाटन पर जताई ये उम्मीद
Ram Mandir: 'मंदिर के कपाट खुलने से लोगों के दिलों के दरवाजे भी खुलेंगे' फारूक अब्दु्ल्ला ने राम मंदिर उद्घाटन पर जताई ये उम्मीद

Ram Mandir Inauguration: नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला (Farooq Abdullah) ने सोमवार को उम्मीद जताई कि 22 जनवरी को अयोध्या (Ayodhya) में राम मंदिर (Ram Mandir) के प्राण प्रतिष्ठा समारोह से देश में मुस्लिम समुदाय के खिलाफ नफरत खत्म होने का रास्ता खुलेगा। अब्दुल्ला ने जोर देकर कहा कि वह हमेशा अपने दिल से भगवान राम की प्रशंसा करते हैं। पार्टी की बैठक से इतर उन्होंने मीडिया से कहा, "कौन जाएगा (अयोध्या में प्राण प्रतिष्ठा समारोह में) और कौन नहीं जाएगा ये उसकी पसंद है। मुझे उम्मीद है कि मंदिर के कपाट खुलने से लोगों के दिलों के दरवाजे भी खुलेंगे और मुस्लिमों के खिलाफ नफरत समाप्त होगी। यह मेरी प्रार्थना है और भगवान मेरी आवाज सुनेंगे।"

न्यूज एजेंसी PTI के मुताबिक, पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि वह भगवान राम को लेकर अपनी टिप्पणी पर आलोचना या वोट नहीं मिलने से नहीं डरते। अब्दुल्ला ने कहा, "राम जितने आपके हैं उतने ही मेरे भी हैं। मैंने एक पाकिस्तानी विद्वान की तरफ से कुरान का अनुवाद पढ़ा है और उन्होंने राम के बारे में भी बात की और कहा कि वह (राम) चाहते थे कि सभी लोग भाईचारे और प्रेम के साथ आगे बढ़ें।"

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उन्होंने कहा, "महात्मा गांधी अक्सर कहा करते थे कि वह भारत को राम 'राज्य' बनाना चाहते हैं। इसमें कोई बुराई नहीं है। मैंने सालों से अलग-अलग मंदिरों में अपने दिल से राम के 'भजन' गाए हैं और मैं किसी की आलोचना या वोट बैंक खोने से नहीं डरता, क्योंकि मैं जानता हूं कि अगर हमें भारत और राज्य (जम्मू-कश्मीर) को बचाना है, तो हमें यह करना होगा। आगे बढ़ने के लिए हमें हाथ मिलाना होगा।"

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