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'खिलाड़ियों को तो अकेला छोड़ दो...': रोहित शर्मा विवाद में खेल मंत्री की एंट्री, कांग्रेस-TMC नेताओं को दी नसीहत, शमा मोहम्मद के बयान को बताया 'शर्मनाक'

Rohit Sharma Fat Controversy: भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान एवं स्टार खिलाड़ी रोहित शर्मा की फिटनेस को लेकर सियासी घमासान मच गया है। कांग्रेस प्रवक्ता शमा मोहम्मद ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर रोहित शर्मा को मोटा खिलाड़ी और अप्रभावी कप्तान बताया था। उन्होंने लिखा था कि रोहित शर्मा एक खिलाड़ी के लिए बहुत 'मोटे' हैं। उन्हें वजन कम करने की जरूरत है

Akhilesh Nath Tripathiअपडेटेड Mar 03, 2025 पर 11:23 PM
'खिलाड़ियों को तो अकेला छोड़ दो...': रोहित शर्मा विवाद में खेल मंत्री की एंट्री, कांग्रेस-TMC नेताओं को दी नसीहत, शमा मोहम्मद के बयान को बताया 'शर्मनाक'
Rohit Sharma Fat Controversy: तमाम राजनीतिक पार्टियां और क्रिकेटरों ने कांग्रेस प्रवक्ता शमा मोहम्मद के बयान की निंदा की है

Rohit Sharma Fat Controversy: कांग्रेस प्रवक्ता शमा मोहम्मद ने भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान रोहित शर्मा के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणी कर सियासी विवाद खड़ा कर दिया है। उन्होंने कहा कि रोहित शर्मा मोटे और अप्रभावी कप्तान हैं। इसको लेकर कांग्रेस ने उन्हें फटकार लगाई और आगे से ऐसी टिप्पणियों से बचने की नसीहत दी। दूसरी तरफ, खेल मंत्री मनसुख मंडाविया और भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने कांग्रेस पर निशाना साधा तथा कद-काठी को लेकर की दिए गए बयान को शर्मनाक करार दिया।

कांग्रेस नेता शमा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर रविवार देर रात पोस्ट किया था। इसमें उन्होंने रोहित शर्मा को 'मोटा' और 'अप्रभावी कप्तान' कहा था। उन्होंने अपने विवादित पोस्ट को हटा दिया है। तृणमूल कांग्रेस (TMC)के वरिष्ठ नेता सौगत रॉय ने शमा का समर्थन करते हुए कहा कि कांग्रेस नेता ने जो कहा है वह सही है। रोहित शर्मा को टीम में होना ही नहीं चाहिए।

केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने शमा और रॉय के बयानों को लेकर कांग्रेस तथा TMC पर निशाना साधते हुए X पर पोस्ट किया, "कांग्रेस और टीएमसी को खिलाड़ियों को अकेला छोड़ देना चाहिए क्योंकि वे अपने पेशेवर जीवन को संभालने में पूरी तरह सक्षम हैं।"

मांडविया ने कहा, "इन दलों के नेताओं द्वारा की गई टिप्पणियां, कद-काठी को लेकर टिप्पणी में संलिप्त होना और टीम में एक एथलीट की जगह पर सवाल उठाना, न केवल बेहद शर्मनाक है बल्कि पूरी तरह से निंदनीय भी है।" उनका कहना था कि इस तरह की टिप्पणियां खिलाड़ियों द्वारा ग्लोबल प्लेटफॉर्म पर देश का प्रतिनिधित्व करने के लिए की गई कड़ी मेहनत और त्याग को कमतर करती हैं।

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