राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत की बड़े स्तर पर हिंदू समाज को दी गई सलाह से हिंदू धर्म गुरु कुछ खुश नहीं नजर आ रहे हैं। भागवत ने देश भर में कोई भी नया मंदिर-मस्जिद विवाद खड़ा न करने को कहा था। रविवार को जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य ने भागवत के विचारों से कड़ी असहमति जताई। स्वामी रामभद्राचार्य ने न्यूज एजेंसी IANS से बात करते हुए कहा, "मैं मोहन भागवत के बयान से पूरी तरह असहमत हूं। मैं साफ कर दूं कि मोहन भागवत हमारे अनुशासक नहीं हैं, लेकिन हम हैं।"
