'जिन्होंने मेरे साथ धोखा किया वे मेरी तस्वीर का इस्तेमाल नहीं करें': शरद पवार की अजित पवार को चेतावनी

शरद पवार का यह बयान उनके भतीजे अजित पवार और NCP के आठ अन्य विधायकों के महाराष्ट्र की शिवसेना-भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार में शामिल होने के दो दिन बाद आया है। अजित पवार गुट ने भी जयंत पाटिल को NCP के प्रदेश अध्यक्ष पद से हटा दिया है। पाटिल ने विधानसभा अध्यक्ष को अर्जी देकर अजित पवार और उनके अन्य सहयोगी विधायकों को सदन की सदस्यता से अयोग्य करार देने का अनुरोध किया है

अपडेटेड Jul 04, 2023 पर 7:15 PM
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NCP प्रमुख ने कहा, "जिन्होंने मेरी विचारधारा को धोखा दिया और जिनके साथ मेरे वैचारिक मतभेद हैं वे मेरी तस्वीर का इस्तेमाल नहीं कर सकते।"

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के प्रमुख शरद पवार (Sharad Pawar) ने मंगलवार को कहा कि जिन्होंने उनकी विचारधारा के साथ धोखा किया उन्हें उनकी तस्वीर का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। पवार ने पत्रकारों से कहा कि मैं जिस पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष हूं और जयंत पाटिल प्रदेश अध्यक्ष हैं, केवल वह (पार्टी) ही मेरी तस्वीर का इस्तेमाल कर सकती है। पवार ने कहा कि यह उनका अधिकार है कि वह फैसला करें कि किसे उनकी तस्वीर का इस्तेमाल करना चाहिए। NCP प्रमुख ने कहा, "जिन्होंने मेरी विचारधारा को धोखा दिया और जिनके साथ मेरे वैचारिक मतभेद हैं वे मेरी तस्वीर का इस्तेमाल नहीं कर सकते।"

पवार का यह बयान उनके भतीजे अजित पवार और NCP के आठ अन्य विधायकों के महाराष्ट्र की शिवसेना-भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार में शामिल होने के दो दिन बाद आया है। अजित पवार गुट ने भी जयंत पाटिल को NCP के प्रदेश अध्यक्ष पद से हटा दिया है। पाटिल ने विधानसभा अध्यक्ष को अर्जी देकर अजित पवार और उनके अन्य सहयोगी विधायकों को सदन की सदस्यता से अयोग्य करार देने का अनुरोध किया है।

NCP संकट पर ले रहे हैं कानूनी राय


शरद पवार अपने भतीजे अजित पवार के शिंदे सरकार में शामिल होने और उनकी (अजित की) ओर से बड़ी संख्या में विधायकों का समर्थन होने का दावा करने के कारण पार्टी में पैदा हुए संकट से निपटने के लिए कानूनी राय ले रहे हैं। NCP के राष्ट्रीय प्रवक्ता क्लाईड क्रास्टो ने न्यूज एजेंसी पीटीआई से कहा कि सोमवार रात सतारा से लौटने के बाद शरद पवार मौजूदा राजनीतिक घटनाक्रम से निपटने के मद्देनजर कानूनी विशेषज्ञों के साथ चर्चा कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि कानूनी राय लेना जरूरी है, क्योंकि यह मुद्दा संविधान की 10वीं अनुसूची से संबंधित है। संविधान में 10वीं अनुसूची का प्रावधान पद का लालच, भौतिक लाभ या इसी तरह के विचारों से प्रेरित राजनीतिक दलबदल को रोकने के लिए किया गया है। यह दलबदल के आधार पर अयोग्य ठहराए जाने के मुद्दे और सदन के अध्यक्ष की भूमिका से भी संबंधित है।

क्रास्टो ने दावा किया कि अजित पवार के नेतृत्व वाले गुट को 13 से अधिक विधायकों का समर्थन प्राप्त नहीं है। इस पर दल-बदल रोधी कानून के प्रावधान लागू हो सकते हैं। प्रवक्ता ने कहा कि कल (बुधवार) दोपहर एक बजे शरद पवार द्वारा बुलाई गई बैठक में उन्हें हासिल समर्थन की स्पष्ट तस्वीर सामने आ जाएगी।

अजित गुट को 40 विधायकों का समर्थन?

अजित पवार खेमे ने NCP के 53 में से कम से कम 40 विधायकों के समर्थन का दावा किया था। विवार को अजित पवार के उपमुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद जब पत्रकारों ने शरद पवार से पूछा था कि क्या वह कानून का सहारा लेंगे तो उन्होंने कहा था कि वह इस सबमें नहीं पड़ेंगे, बल्कि लोगों के बीच जाएंगे।

NCP ने महाराष्ट्र विधानसभा के अध्यक्ष राहुल नार्वेकर के समक्ष एक याचिका दायर की है, जिसमें एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली सरकार में मंत्री पद की शपथ लेने वाले अजित पवार समेत 9 विधायकों को अयोग्य घोषित करने की मांग की गई है।

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सोमवार को NCP प्रमुख शरद पवार ने अजित पवार के शपथ ग्रहण समारोह में भाग लेने के चलते पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल और महासचिव सुनील तटकरे को पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के लिए पद से हटा दिया था।

वहीं, अजित पवार गुट ने महाराष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष से जयंत पाटिल और जितेंद्र आव्हाड को सदन की सदस्यता से अयोग्य घोषित करने की मांग की है। प्रफुल्ल पटेल ने सोमवार को अजित पवार को NCP विधायक दल का नेता और सुनील तटकरे को NCP की प्रदेश इकाई का अध्यक्ष नियुक्त किया था।

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