Maharashtra Political Crisis: महाराष्ट्र की राजनीति में एक बड़े नाटकीय घटनाक्रम के तहत रविवार दो जुलाई को राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के वरिष्ठ नेता अजित पवार पार्टी में विभाजन की स्थिति पैदा करते हुए राज्य सरकार में डिप्टी सीएम बन गए। इस कदम ने उनके चाचा शरद पवार को चौंका दिया है, जिन्होंने 24 साल पहले पार्टी की स्थापना की थी। दक्षिण मुंबई के राजभवन में आयोजित समारोह में NCP के आठ अन्य नेताओं ने भी मंत्री पद की शपथ ली। राजभवन में आयोजित एक समारोह में राज्यपाल रमेश बैस ने अजित पवार को डिप्टी सीएम पद की शपथ दिलाई। वहीं, मंत्री पद की शपथ लेने वालों में छगन भुजबल, दिलीप वाल्से पाटिल, हसन मुशरिफ, धनंजय मुंडे, अदिति तटकरे, धर्मराव अत्राम, अनिल पाटिल और संजय बनसोडे शामिल हैं।
भारतीय जनता पार्टी (BJP) की महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष चंद्रशेखर बावनकुले ने दावा किया कि NCP के 40 विधायकों (कुल 53 में से) ने राज्य सरकार का समर्थन किया है। बता दें कि राज्य में विधानसभा चुनाव अगले साल प्रस्तावित है। इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि राज्य अब एक सीएम और दो डिप्टी सीएम के साथ विकास की राह पर तेजी से आगे बढ़ेगा।
विभागों के बंटवारे को लेकर रस्साकसी
अजित पवार के एकनाथ शिंदे सरकार में शामिल होने के बाद अब विभागों के बंटवारे को लेकर रस्साकसी तेज हो गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, अजित पवार गुट के नेताओं को वित्त, योजना और सहकारिता मंत्रालय मिलने की संभावना है। सूत्रों ने बताया कि इसके अलावा पवार गुट बिजली, सिंचाई और उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्रालय की भी मांग कर रहा है। सूत्रों ने बताया कि अजित पवार गुट ने वित्त मंत्रालय समेत कई अहम मंत्रालयों के लिए अपनी इच्छा जाहिर की है। लेकिन सूत्रों के मुताबिक शिंदे गुट पवार खेमा को वित्त मंत्रालय नहीं देना चाहता है, जो महाराष्ट्र जैसे राज्य में काफी अहम माना जा रहा है।
एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली महाराष्ट्र सरकार को ज्वाइन करने के बाद डिप्टी सीएम अजित पवार और मंत्री छगन भुजबल ने सोमवार को डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस मिलने उनके आवास पहुंचे थे। सूत्रों ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि इस मुलाकात के दौरान मंत्रालय के बंटवारे पर बातचीत हुई। बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री शिंदे, डिप्टी सीएम फडणवीस और अजित पवार की सीएम कार्यालय में जल्द ही एक अहम बैठक होनी है। इस दौरान विभागों के बंटवारे पर चर्चा हो सकती है। सूत्रों के हवाले से खबर आ रही है कि अजित पवार गुट को वित्त मंत्रालय मिल सकता है।
14 विभाग मांग रहा पवार गुट!
सूत्रों के मुताबिक, अजित पवार गुट ने शिंदे सरकार से कुल 14 विभाग मांग रहा है, जो पूर्ववर्ती उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली MVA सरकार में NCP के पास थे। उनकी मांगों में वित्त, ऊर्जा, आवास, सहयोग, सिंचाई, महिला एवं बाल विकास, सामाजिक न्याय जैसे विभाग शामिल हैं। पवार गुट के एक वरिष्ठ नेता ने एक्सप्रेस को बताया कि बीजेपी ने हमें 9 कैबिनेट पदों के अलावा तीन राज्य मंत्री पदों की पेशकश की है। हमने 11 कैबिनेट और तीन कनिष्ठ मंत्रियों सहित 14 विभाग मांगे हैं। पवार गुट ने जिन विभागों की मांग की है, उनमें से अधिकांश मंत्रालय बीजेपी के पास हैं।
इस मामले में महाराष्ट्र के मंत्री दीपक केसरकर ने कहा कि हमारे लोग बिल्कुल भी नाराज नहीं हैं, जब एकनाथ शिंदे को मुख्यमंत्री बनाया गया था तभी हमने कहा था कि अगर हमारा एक भी मंत्री नहीं बना तो चलेगा क्योंकि हमारे मुख्यमंत्री हमें न्याय देंगे। अभी कैबिनेट का विस्तार बाकी है, शायद NCP के लोगों के लिए विस्तार रुका था, अब वे भी आ गए हैं और हमारे लोग भी हैं तो जल्द ही विस्तार होगा।
महाराष्ट्र में NCP संकट के बीच नवनियुक्त डिप्टी सीएम अजीत पवार ने सभी एनसीपी सांसदों, विधायकों, एमएलसी, जिला प्रमुखों और राज्य प्रतिनिधियों को 5 जुलाई को एमईटी बांद्रा में एक बैठक के लिए उपस्थित होने के लिए कहा है। वहीं, शरद पवार ने अपने सभी सदस्यों को भी 5 जुलाई को वाईबी चव्हाण सभागार में बुलाया है।