Land for job scam: केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने नौकरी के बदले जमीन घोटाला से जुड़े मामले में बिहार के डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव और पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद एवं पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल कर दिया है। CBI ने बताया कि मामले में यह दूसरा आरोपपत्र है और इसमें 14 अन्य लोगों के भी नाम शामिल हैं। अधिकारियों ने बताया कि यह मामले में पहला आरोपपत्र दाखिल होने के बाद सामने आए दस्तावेजों और सबूतों के आधार पर दाखिल किया गया है। उन्होंने बताया कि इस मामले में पहली बार तेजस्वी यादव का नाम आरोपी के तौर पर शामिल किया गया है।
आरोपपत्र दायर होने के एक दिन बाद मंगलवार को सत्तारूढ़ जनता दल-यूनाइटेड (JDU), उसके सहयोगी राष्ट्रीय जनता दल (RJD) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बीच वाकयुद्ध छिड़ गया। JDU के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने CBI द्वारा आरोप पत्र दायर किए जाने के एक दिन बाद मंगलवार को आरोप लगाया कि भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार राजद नेता को ‘राजनीतिक शिकार’ बना रही है।
ललन सिंह ने मंगलवार को जारी एक वीडियो संदेश में कहा, "इस मामले में सीबीआई का दूसरा आरोपपत्र तेजस्वी यादव के खिलाफ बिना किसी सबूत के दायर किया गया। सीबीआई ने पहले कहा था कि इसमें उनके खिलाफ कोई सबूत नहीं है… लेकिन जब अगस्त 2022 में RJD और JDU तथा अन्य दलों के साथ मिलकर बिहार में महागठबंधन सरकार बनाई गई …तो केंद्र सरकार ने अपने 'तोते' (सीबीआई) और अन्य केंद्रीय जांच एजेंसियों का उपमुख्यमंत्री के खिलाफ का इस्तेमाल शुरू कर दिया।"
राष्ट्रीय जनता दल के नेता मनोज झा ने इस कार्रवाई को ''राजनीतिक प्रतिशोध'' बताया है। मनोज झा ने समाचार एजेंसी ANI को बताया, "इस तरह की कार्रवाई इसलिए की गई, क्योंकि बीजेपी ने बिहार में अपनी सरकार खो दी। यह एक राजनीतिक प्रतिशोध है। केंद्रीय एजेंसियों द्वारा इस तरह की कार्रवाई...बीजेपी कुछ ऐसा करने की कोशिश कर रही है जिसे वह हासिल नहीं कर सकती।"
राज्यसभा सांसद ने आगे आरोप लगाया, "यह अब सीबीआई नहीं है। इसे केंद्र सरकार चलाने वाले बीजेपी के दो शीर्ष नेताओं द्वारा निर्देशित किया जा रहा है।" इसी मुद्दे पर बोलते हुए जेडीयू के वरिष्ठ नेता केसी त्यागी ने आरोप लगाया कि सीबीआई का कदम विपक्षी दलों की एकता को ध्यान में रखते हुए आया है।
बिहार बीजेपी के नेता अजय आलोक ने दावा किया कि अब से महज 10-15 दिन में नीतीश कुमार सीएम पद से इस्तीफा दे देंगे। उन्होंने कहा कि कुमार अब 3C (अपराध, भ्रष्टाचार और साम्यवाद) के झूले पर सवार हैं, जिसके बारे में वह बात करते थे। बीजेपी नेता ने लालू परिवार पर हमला करते हुए कहा, "पहले वे कह रहे थे कि अगर हम दोषी हैं तो अभी तक आरोपपत्र क्यों नहीं दायर किया गया है। और अब जब आरोपपत्र दायर कर दिया गया है तो वे इसके लिए मोदी को दोषी ठहरा रहे हैं।"
आलोक ने कहा, "नीतीश कुमार अब भ्रष्टाचार के संरक्षक बन गए हैं। वह अब 3 C अपराध, भ्रष्टाचार और साम्यवाद के झूले पर सवार हैं जिसके बारे में वह बात करते थे। वह अपराधियों के साथ हैं। सारे अपराधी उनके मंत्रिमंडल में ऊपर से नीचे तक भरे हैं। लालू यादव ने मुख्यमंत्री की जीवनी पर लिखी पुस्तक का उद्घाटन किया। ये दोनों भ्रष्टाचार का उत्कृष्ट उदाहरण हैं। वे तकियाह (मुस्लिम टोपी) पहनकर मुसलमानों को खुश करते हैं। उन्होंने 150 स्थानों पर इफ्तार किया और वे साम्यवाद की बात करते हैं।" आलोक ने आगे कहा, "वह CCC के प्रमुख उदाहरण हैं। उनका एक घंटे के लिए भी बिहार का मुख्यमंत्री रहना बिहार को एक महीने पीछे ले जाने जैसा है। वह 10-15 दिनों के भीतर इस्तीफा दे देंगे।"