लोकसभा सदस्यता रद्द होने के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि वह गांधी हैं, सावरकर नहीं, माफी नहीं मांगेंगे। अब इस बयान को लेकर महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे की शिवसेना (UBT), NCP और कांग्रेस के गठबंधन में दरार की खबरें सामने आ रही है। दरअसल, शिवसेना ने अपने मुखपत्र सामना (Saamana) में राहुल गांधी पर हिंदुत्व विचारक वीर सावरकर (Veer Savarkar) के खिलाफ गलत बयानबाजी करने का आरोप लगाया है। पार्टी ने उन्हें याद दिलाया कि सावरकर ने गुलामी और ब्रिटिश शासन के खिलाफ लड़ाई लड़ी थी। वह किसी भी कीमत पर उनका अपमान बर्दाश्त नहीं करेगी।
संपादकीय में कहा गया है, "राहुल गांधी बार-बार 'मेरा नाम सावरकर नहीं है' जैसे बयान दे रहे हैं। लेकिन इस तरह के बयान देने से कोई बहादुर नहीं बनता और न ही लोगों का सावरकर पर से भरोसा उठेगा।" संपादकीय में कांग्रेस और राहुल गांधी को चेतावनी भी दी गई है कि सावरकर के खिलाफ इस तरह के बयानों से महाराष्ट्र में पार्टी के लिए मुश्किलें पैदा करेगी।
इसमें आगे कहा गया है कि मानहानि के मुकदमे में राहुल गांधी के साथ जो हुआ वह अन्याय है, लेकिन सावरकर का अपमान करके वह सच्चाई की लड़ाई नहीं जीत सकते। गांधी का जन्म एक ऐसे परिवार में हुआ है, जिन्होंने देश के लिए अपने प्राणों की आहुति दी और यह सच्चाई है। लेकिन सावरकर और उनके परिवार ने भी देश के लिए काम किया है।
उद्धव ने रैली में दी चेतावनी
इसके अलावा पूर्व सीएम उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) ने रविवार को कहा कि वह हिंदुत्व विचारक वीर सावरकर को अपना आदर्श मानते हैं। इस दौरान उन्होंनें कांग्रेस नेता से उनका अपमान करने से बचने को कहा। मालेगांव में एक रैली को संबोधित करते हुए शिवसेना प्रमुख ने कहा कि आपने (राहुल गांधी) भारत जोड़ो यात्रा निकाली, उस दौरान हम भी आपके साथ थे, लेकिन मैं आपको खुले तौर पर बताना चाहता हूं कि सावरकर हमारे आदर्श हैं और हम उनका अपमान बर्दाश्त नहीं करेंगे।
इस दौरान उद्धव ने कांग्रेस और राहुल गांधी को चेतावनी देते हुए साफ शब्दों में कहा कि आज मैं ये सार्वजनिक मंच से कह रहा हूं कि ये सब नहीं चलेगा। सावरकर ने जो यातनाएं सहीं वो कोई नहीं सह सकता। हम लोकतंत्र को बचाने के लिए एक साथ आए हैं। ऐसे बयान न दें, जिससे (शिवसेना और कांग्रेस के बीच) दरार पैदा हो। बता दें कि शिवसेना (यूबीटी), कांग्रेस और एनसीपी महाराष्ट्र में MVA गठबंधन का हिस्सा हैं।
राहुल गांधी ने क्या कहा था?
लोकसभा की सदस्यता से अयोग्य ठहराए जाने के बाद आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहुल गांधी ने कहा था कि मेरा नाम सावरकर नहीं है। मेरा नाम गांधी है और गांधी किसी से माफी नहीं मांगेगा। दरअसल, अपने बयान को लेकर कोर्ट में माफी मांगने के सवाल पर राहुल गांधी ने कहा था, "मैं सावरकर नहीं हूं। मैं गांधी हूं और गांधी माफी नहीं मांगता।"
'मोदी सरनेम' वाली टिप्पणी पर 2019 के आपराधिक मानहानि मामले में सूरत की एक अदालत ने राहुल गांधी को दोषी ठहराया और दो साल जेल की सजा सुनाई है। हालांकि, सजा 30 दिन के लिए निलंबित कर जमानत दे दी ताकि वह फैसले को चुनौती दे सकें। एक दिन बाद, लोकसभा सचिवालय ने एक अधिसूचना में कहा कि लोकसभा की सदस्यता से उनकी अयोग्यता दोषसिद्धि की तारीख 23 मार्च से प्रभावी होगी।