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'राज्यों के पास फ्रीबीज के लिए पैसे हैं, लेकिन जजों की सैलरी के लिए नहीं': दिल्ली चुनाव से पहले सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी

Supreme Court News: सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार (8 जनवरी) को सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि राज्यों के पास काम न करने वालों को मुफ्त सुविधाएं देने के लिए पर्याप्त पैसे हैं, लेकिन जब जिला जजों के वेतन और पेंशन का भुगतान करने की बात आती है तो वे वित्तीय संकट का दावा करते हैं

Akhileshअपडेटेड Jan 08, 2025 पर 10:52 AM
'राज्यों के पास फ्रीबीज के लिए पैसे हैं, लेकिन जजों की सैलरी के लिए नहीं': दिल्ली चुनाव से पहले सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी
Supreme Court News: दिल्ली चुनाव से ठीक पहले सुप्रीम कोर्ट ने फ्रीबीज मामले पर अहम टिप्पणी की है

Supreme Court News: दिल्ली विधानसभा चुनावों से पहले एक तीखी टिप्पणी करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकारों को चुनाव प्रचार के लिए धन आवंटित करने और जजों की सैलरी और पेंशन के भुगतान की उपेक्षा करने के लिए कड़ी फटकार लगाई है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि राज्यों के पास फ्रीबीज यानी मुफ्त की रेवड़ियां बांटने के लिए पैसे हैं। लेकिन जजों की सैलरी और पेंशन देने के लिए पैसे नहीं है। शीर्ष अदालत ने कहा कि राज्य सरकारों के पास उन लोगों के लिए पूरा पैसा है जो कुछ नहीं करते। लेकिन जब जजों की सैलरी की बात आती है तो सरकारें वित्तीय संकट का बहाना बनाती हैं।

जस्टिस बीआर गवई और एजी मसीह की पीठ ऑल इंडिया जजेस एसोसिएशन की याचिका पर सुनवाई कर रही थी। इसमें देश में जजों को दिए जाने वाले अपर्याप्त वेतन और रिटायरमेंट लाभों पर चिंता जताई गई थी। याचिका में कहा गया था कि जजों को समय पर सैलरी नहीं मिल रहा है। साथ ही रिटायरमेंट के बाद मिलने वाली बेनिफिट्स से भी जज महरूम रह जा रहे हैं।

हाल के उदाहरणों का हवाला देते हुए पीठ ने महाराष्ट्र में बीजेपी के नेतृत्व वाली 'महायुति' द्वारा घोषित 'लड़की बहन' योजना और दिल्ली में चुनाव जीतने के लिए AAP और कांग्रेस द्वारा किए गए इसी तरह के वित्तीय वादों की ओर इशारा किया।

पीठ ने कहा, "जब जजों को सैलरी देने की बात आती है, तो राज्य अक्सर वित्तीय बाधाओं का हवाला देते हैं। हालांकि, चुनावों के दौरान हम 'लड़की बहन' पहल जैसी मुफ्त सुविधाओं की घोषणाएं भी देखें हैं। साथ ही दिल्ली में राजनीतिक दलों द्वारा किए गए इसी तरह के वित्तीय वादे देखते हैं। जहां चुनाव जीतने के लिए 2,100 रुपये या 2,500 रुपये देने का आश्वासन दिया जाता है।

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