Naresh Meena: अपनी ही पार्टी से कर लेते हैं बगावत! SDM को थप्पड़ मारने वाले नरेश मीणा क्यों रहते हैं विवादों में इतना?

Who is Naresh Meena: एक बड़ा सवाल ये भी है कि किसी एक नेता के पीछे इतना बड़ा जन समर्थन होने के बावजूद क्यों उसे बार-बार उसकी ही पार्टी से टिकट नहीं दिया जाता। नरेश मीणा का राजनीतिक सफर राजस्थान यूनिवर्सिटी से कांग्रेस की स्टूडेंट विंग NSUI से शुरू हुआ। 2003 के छात्रसंघ चुनाव में मीणा ने महासचिव का पद जीता

अपडेटेड Nov 14, 2024 पर 2:47 PM
Story continues below Advertisement
Naresh Meena: 'छोटा किरोड़ी' कह जाने वाले नरेश मीणा क्यों रहते हैं विवादों में इतना?

नरेश मीणा... ये नाम आज खूब चर्चाओं में है, लेकिन चर्चा के पीछे एक बड़ा विवाद भी जुड़ा है। निर्दलीय उम्मीदवार नरेश मीणा ने चुनाव ड्यूटी पर तैनात मालपुर के SDM अमित चौधरी को थप्पड़ मार दिया था, जिसके बाद से पूरे इलाके में बवाल मच गया। पुलिस ने नरेश मीणा को गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन उससे पहले उनके समर्थकों ने जमकर बवाल काटा, आगजनी की और पथराव भी हुआ। अब आप इससे ही अंदाजा लगा सकते हैं कि उनका अपने इलाके में कितना दबदबा है।

एक बड़ा सवाल ये भी है कि किसी एक नेता के पीछे इतना बड़ा जन समर्थन होने के बावजूद क्यों उसे बार-बार उसकी ही पार्टी से टिकट नहीं दिया जाता। नरेश मीणा का राजनीतिक सफर राजस्थान यूनिवर्सिटी से कांग्रेस की स्टूडेंट विंग NSUI से शुरू हुआ। 2003 के छात्रसंघ चुनाव में मीणा ने महासचिव का पद जीता।

छोटा किरोड़ी- नरेश मीणा


इसके बाद उनकी मुलाकात किरोड़ी लाल मीणा से हुई और वे उनके शागिर्द बन गए। वह सामाजिक आंदोलनों में किरोड़ी लाल के साथ कदम से कदम मिलाकर चलने लगे और इसके चलते लोग नरेश को 'छोटा किरोड़ी' कहने लगे।

किरोड़ी लाला मीणा के प्रति उनकी भक्ति ऐसे थी कि 2017 में जयपुर में मीणा समाज की एक बड़ी रैली हो रही थी। इसमें नरेश मीणा ने जो किया, उसका उम्मीदा शायद खुद किरोड़ी लाला मीणा को भी नहीं होगी। नरेश ने सबके सामने अपना अंगूठा काटा और उससे निकले खून से किरोणी लाला मीणा का तिलक कर दिया।

किरोड़ी मीणा से राह हुई अलग

नरेश मीणा खुद को किरोड़ी लाला मीणा के बेटे की तरह बताते रहे, लेकिन किरोड़ी लाला मीणा की ओर से उन्हें कोई राजनीतिक मदद नहीं मिली। ऐसा शायद इसलिए भी हो सकता है कि किरोणी बीजेपी नेता हैं और नरेश की विचारधारा कांग्रेस वाली है। शायद इसलिए राजनीति में दोनों के राहें अलग-अलग हैं।

मीणा समाज के युवाओं में नरेश किसी हीरो से कम नहीं हैं। हर राजनेता की तरह उनकी भी कुछ महत्तवाकांक्षाएं हैं, जो रह कर सामने आ जाती है। साल 2023 विधानसभा चुनाव में नरेश मीणा ने कांग्रेस से टिकट की मांग की थी। सचिन पायलट के करीबी माने जाने के बावजूद मीणा को टिकट नहीं मिला।

कांग्रेस से बागी होकर निर्दलीय लड़ा चुनाव

नरेश छबड़ा विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने की इच्छा जताई थी, लेकिन पार्टी से टिकट नहीं मिला, तो उन्होंने निर्दलीय ही चुनाव लड़ा। तब नरेश को 44000 वोट मिले। इसका सीधा फायदा BJP को हुआ और पूर्व CM वसुंधरा के करीबी प्रताप सिंह चुनाव जीत गए। इस कदम के चलते नरेश कांग्रेस पार्टी से 6 साल के लिए निष्कासित कर दिए गए थे।

इसके अगले साल ही लोकसभा चुनाव आ गए। नरेश ने एक बार फिर चुनाव में किस्मत आजमाने की कोशिश की और ऐलान कर दिया कि वे दौसा सीट से निर्दलीय पर्चा भरेंगे। ये सुनकर कांग्रेस ने नरेश को पार्टी में फिर से शामिल कर लिया, जिससे सबको ये लगा कि पार्टी इस बार शायद उन्हें टिकट दे दे।

हालांकि, तब भी नरेश को निराशा ही हाथ लगी। क्योंकि कांग्रेस ने मुरारी लाला मीणा को अपना उम्मीदवार बनाया। इससे नरेश काफी नाराज हुए। इससे जुड़े एक किस्सा भी है, जो बताता है कि नरेश कितने बेबाक हैं।

भरे मंच पर नरेश ने फिर कर दी बगावत

दौसा में मुरारी लाल मीणा की एक सभा हो रही थी। इसी सभा में नरेश मीणा को बोलना के लिए मंच पर बुलाया जाता है, उनके खड़े होते ही 'जय नरेश' के नारे लगने लगते हैं।

नरेश बोलना शुरू करते हैं, "मुझे यह कहकर कांग्रेस ज्वाइन करवाई गई कि टिकट में तुम्हारा नाम भी है, लेकिन जब लिस्ट आई, तो मेरा नाम नहीं था। मुझे उसके बाद से ही नींद नहीं आई। आप (मुरारी लाल मीणा) टिकट ले आए, आप सांसद बन जाओगे। आपकी बेटी (गोद ली हुई बेटी निहारिका) दौसा से विधायक बन जाएगी, हमारा नंबर कब आएगा? आपका फर्ज बनता है कि आप हमारे लिए टिकट मांगते। आपके तो बच्चे नहीं हैं, लेकिन हम भी तो आपके बच्चे हैं। आपको पायलट साहब से कहना चाहिए था कि नरेश को टिकट दो।"

मजेदार बात ये है कि नरेश की कांग्रेस में वापसी 21 मार्च को हुई और 25 मार्च को मंच से ये बातें कह कर नरेश ने बगावत कर दी। हालांकि, कांग्रेस के मुरारी लाला मीणा दौसा से जीतने में कामयाब रहे।

देवली उनियारा उपचुनाव में भी बगावत

इसके बाद देवली उनियारा विधानसभा सीट से उपचुनाव का समय आया। पार्टी यहां से केसी मीणा को अपना उम्मीदवार बनाया, लेकिन नरेश ने फिर बगावती तेवर अपनाते हुए, निर्दलीय पर्चा भरा।

बुधवार को इसी सीट के उपचुनाव के मतदान के दौरान नरेश ने SDM को थप्पड़ मार दिया था। दरअसल नरेश मीणा लगातार चुनाव आयोग पर आरोप लगा रहे थे कि EVM मशीन पर उनका चुनाव चिह्न ठीक से नजर नहीं आ रहा था और वह हल्का दिखाई दे रहा है।

पुलिस से छुड़ा ले गए समर्थक

इस मुद्दे को लेकिर नरेश और चुनाव ड्यूटी पर तैनात मालपुरा के SDM अमित चौधरी के बीच कहा सुनी हो गई और मीणा ने अधिकारी को थप्पड़ मार दिया। इसके बाद शाम को जब पोलिंग पार्टियां रवाना होने लगी, तो नरेश मीणा समर्थकों के साथ धरने पर बैठ गए।

पुलिस ने भीड़ को हटाने की कोशिश की तो दोनों पक्षों में झड़प शुरू हो गई। इसके बाद पुलिस ने नरेश मीणा को हिरासत में ले लिया, लेकिन समर्थकों की भीड़ उसे छुड़ा ले गई। हालांकि, गुरुवार सुबह नरेश को फिर से गिरफ्तार कर लिया गया।

विवादों से पुराना नाता

ये कोई पहले मामला नहीं है, जब नरेश मीणा के समर्थकों ने इस तरह का बवाल काटा हो। पिछले साल 19 सितंबर को भी नरेश मीणा को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। तब उनकी रिहाई की मांग को लेकर हजारों समर्थकों ने कलेक्ट्रेट घेर लिया था।

दरअसल, बारां में मोठपुर थाना क्षेत्र के काला तालाब में कांग्रेस नेता दिनेश मीणा की मारपीट के बाद मौत हो गई थी। उनकी मौत से गुस्साए लोगों ने नरेश मीणा के नेतृत्व में उग्र प्रदर्शन किया था। इस दौरान रास्ता जाम कर एक बस जला दी गई थी। इस मामले में नरेश मीणा को गिरफ्तार किया गया था।

नरेश मीणा के खिलाफ IPC की धारा 143, 283, 435, 353, 427 में मामला दर्ज किया गया था, जब कोर्ट ने उन्हें रिमांड पर रखने का निर्देश दिया, तो उनकी रिहाई की मांग को लेकर जबरदस्त प्रदर्शन हुआ।

नरेश मीणा राजस्थान के बारां जिले की अटरू तहसील के नयागांव के रहने वाले हैं। नरेश के पिता कल्याण सिंह मीणा 30 साल तक अपने गांव के सरपंच रहे हैं। अब नरेश की मां सरपंच हैं। नरेश की पत्नी जिला परिषद सदस्य हैं। नरेश के भाई की पत्नी पंचायत समिति सदस्य हैं। मीणा समाज के युवाओं में नरेश की खूब फैन फॉलोइंग है।

Tonk Violence: SDM को थप्पड़ मारने वाला नरेश मीणा गिरफ्तार, समर्थकों ने जमकर काटा बवाल, आगजनी और पत्थरबाजी भी हुई

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।