UP Elections 2022: अखिलेश को मिला ममता बनर्जी का साथ, लखनऊ और वाराणसी में सपा के लिए करेंगी वर्चुअल प्रचार

UP Elections 2022: ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस उत्तर प्रदेश में चुनाव नहीं लड़ेगी

अपडेटेड Feb 04, 2022 पर 2:25 PM
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अखिलेश यादव को मिला ममता बनर्जी का साथ (FILE PHOTO)

पश्चिम बंगाल (West Bengal) की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) 8 फरवरी को लखनऊ में समाजवादी पार्टी के लिए वर्चुअल प्रचार करेंगी और बाद में वाराणसी में भी कैंपने करेंगे। सपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष किरणमय नंदा ने मंगलवार दोपहर कोलकाता में तृणमूल कांग्रेस (TMC) अध्यक्ष से उनके दक्षिण कोलकाता स्थित आवास पर मुलाकात के बाद यह जानकारी दी।

यादव के मैसेज के साथ बनर्जी से मुलाकात करने वाले नंदा ने कहा कि सपा प्रमुख अखिलेश यादव भी इन अभियानों में हिस्सा लेंगे। करीब 30 मिनट तक यह बैठक चली। ममता की पार्टी तृणमूल कांग्रेस उस राज्य में चुनाव नहीं लड़ेगी।

नंदा ने बैठक के बाद मीडिया से कहा, "तृणमूल कांग्रेस उत्तर प्रदेश में चुनाव नहीं लड़ेगी और BJP के खिलाफ लड़ाई में समाजवादी पार्टी का समर्थन करेगी। ममता बनर्जी लखनऊ और वाराणसी में सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के साथ वर्चुअल प्रचार करेंगी। वह आठ फरवरी को लखनऊ में होंगी और एक वर्चुअल प्रचार में शामिल होंगी। वह फिर अखिलेश जी के साथ जॉइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस भी करेंगी।'


उन्होंने कहा कि बनर्जी फरवरी के आखिर में वाराणसी का भी दौरा करेंगी, लेकिन तारीख अभी तय नहीं हुई है। नंदा ने कहा, 'वह (बनर्जी) एक वर्चुअल बैठक के लिए वाराणसी जाएंगी।'

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उन्होंने कहा कि Covid-19 प्रतिबंधों के कारण चुनाव प्रचार ज्यादातर वर्चुअल रूप से किया जा रहा है। उत्तर प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीट के लिए सात चरणों में 10 फरवरी से सात मार्च तक मतदान होगा।

नंदा ने कहा, "ममता बनर्जी एक मजबूत नेता हैं और जिस तरह से उन्होंने BJP के खिलाफ लड़ाई लड़ी और 2021 में पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में उसे हराया, वह पूरे विपक्ष के लिए एक सबक है। उनकी लड़ाई अभूतपूर्व थी। पूरे देश ने उस लड़ाई को देखा जो उन्होंने भाजपा के रथ के खिलाफ लड़ी थी।"

ऐसा माना जाता है कि अखिलेश यादव के ममता बनर्जी के साथ अच्छे संबंध हैं और वह जनवरी 2019 में तृणमूल कांग्रेस की मुखिया की तरफ से आयोजित विपक्ष की एक बड़ी बैठक में भी शामिल हुए थे।

पूर्ववर्ती वाम मोर्चा शासन के दौरान पश्चिम बंगाल में सबसे लंबे समय तक सेवा करनेवाले मत्स्य मंत्रियों में से एक नंदा ने 2010 में अपनी पश्चिम बंगाल सोशलिस्ट पार्टी का समाजवादी पार्टी में विलय कर दिया था।

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