विपक्षी दलों (Opposition Parties) ने उपराष्ट्रपति चुनाव (Vice President Poll) के लिए दिग्गज कांग्रेस (Congress) नेता मार्गरेट अल्वा (Margaret Alva) को मैदान में उतारने का फैसला किया है। NCP प्रमुख शरद पवार ने 17 जुलाई को इसकी घोषणा की। उन्होंने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि विपक्षी दलों ने NDA सरकार के उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के खिलाफ संयुक्त उम्मीदवार के रूप में कांग्रेस की वरिष्ठ नेता मार्गरेट अल्वा को अपना उम्मीदवार बनाया है।
अल्वा (80) मंगलवार को अपना नामांकन पत्र दाखिल करेंगी, जो छह अगस्त को होने वाले चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने की अंतिम आखिरी है। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने उपराष्ट्रपति पद के लिए पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ को अपना उम्मीदवार बनाया है।
अल्वा को मैदान में उतारने का फैसला राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के अध्यक्ष शरद पवार के आवास पर 17 विपक्षी दलों के नेताओं की बैठक में लिया गया। पवार ने दो घंटे की बैठक के बाद घोषणा करते हुए कहा, "हमने सर्वसम्मति से मार्गरेट अल्वा को उपराष्ट्रपति पद के लिए अपने संयुक्त उम्मीदवार के रूप में मैदान में उतारने का फैसला किया है।"
उन्होंने कहा, "हमारी सामूहिक सोच है कि अल्वा मंगलवार को उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के तौर पर नामांकन पत्र दाखिल करेंगी।" पवार ने कहा कि कुल 17 दलों ने सर्वसम्मति से अल्वा को मैदान में उतारने का फैसला किया है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) और आम आदमी पार्टी (AAP) के समर्थन से वह कुल 19 पार्टियों की संयुक्त उम्मीदवार होंगी।
कैसे होता है उप-राष्ट्रपति का चुनाव?
उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए नामांकन पत्र दाखिल करने की आखिरी तारीख 19 जुलाई है और मतदान छह अगस्त को तय है। मौजूदा उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू का कार्यकाल 10 अगस्त को खत्म हो रहा है।
देश के उपराष्ट्रपति को चुनने के लिए इलेक्ट्रॉल कॉलेज में संसद के दोनों सदनों, लोकसभा और राज्यसभा के सदस्य शामिल होते हैं। संसद में सदस्यों की मौजूदा संख्या 780 है, जिनमें से केवल बीजेपी के 394 सांसद हैं। जीत के लिए 390 से ज्यादा मतों की जरूरत होती है।
बीजेपी ने राष्ट्रपति पद के चुनाव के लिए आदिवासी नेता द्रौपदी मुर्मू को उम्मीदवार बनाया है। अगर मुर्मू चुनाव जीत जाती हैं, तो वह देश की पहली आदिवासी राष्ट्रपति होंगी।