Vote without Voter ID: लोकतंत्र का सबसे बड़ा पर्व चुनाव होता है। इस चुनाव में आम जनता के पास वोट का हथियार होता है, जिससे वह अपनी आवाज बुलंद करती है। हर नागरिक के अधिकारों में वोट देने का हक हमारे लोकतंत्र में दिया गया है। मतदान के जरिए आप जो सरकार चुनते हैं, वह आपकी समस्याओं पर काम करने के साथ ही तमाम कायदे-कानून भी बनाती है। वोट देने के लिए आपके पास वोटर आईडी होनी चाहिए। लेकिन बहुत से नागरिक ऐसे होते हैं, जिनके पास वोटर आईडी किसी वजह से नहीं होती है।
अगर आपका नाम वोटर लिस्ट में नहीं है और आपके पास वोटर आईडी कार्ड भी नहीं है तो आप सोच रहे होंगे की कैसे वोट दे पाएंगे। इस समस्या का समाधान भी है। ऐसे हालात में आप घबराएं नहीं क्यों कि चुनाव आयोग ने बिना वोटर आईडी कार्ड के वोट डालने का विकल्प दिया है।
सबसे पहले यह जरूरी है कि रजिस्टर्ड मतदाता के रूप में आपका नाम मतदाता सूची में दर्ज हो। अगर नाम दर्ज नहीं है तो फॉर्म-6 भरकर अपने विधानसभा क्षेत्र के इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर को जमा करना होगा। इसके बाद आपका नाम मतदाता सूची में बतौर वोटर दर्ज हो जाएगा। फॉर्म-6 को ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीके से जमा किया जा सकता है।
वोटर आईडी नहीं होने पर आपके पास 11 फोटो आईडी दस्तावेजों में से कोई एक होना चाहिए। वोट डालने से पहले इसे दिखाना जरूरी है। ये दस्तावेज हैं- पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस, केंद्र- राज्य सरकार, पीएसयू या पब्लिक लिमिटेड कंपनी की ओर से जारी फोटो युक्त आई कार्ड, बैंक-पोस्ट ऑफिस से जारी फोटोयुक्त पासबुक, पैन कार्ड, NPR के जरिए RGI का जारी स्मार्ट कार्ड, मनरेगा जॉब कार्ड, केंद्र सरकार की योजना के तहत जारी हेल्थ इंश्योरेंस स्मार्ट कार्ड, फोटो के साथ पेंशन डॉक्यूमेंट, एमपी-एमएलए और एमएलसी के लिए जारी आधिकारिक आई कार्ड, आधार कार्ड।
इन सभी में से कोई एक कार्ड दिखाने पर आप वोटिंग कर सकते हैं। कुल मिलाकर कहने का मतलब ये हुआ कि वोट डालने के लिए मतदाता सूची में नाम होना जरूरी है। अगर आपका नाम मतदाता सूची में है और आपके पास चुनाव आयोग के निर्देशों के मुताबिक अनिवार्य 11 में से कोई भी पहचान पत्र है तो आपको वोट देने की इजाजत होगी।