समाजवादी पार्टी के नेता नवाब सिंह यादव को एक नाबालिग लड़की से बलात्कार की कोशिश के आरोप में कन्नौज में गिरफ्तार किया गया था। कन्नौज के SP अमित कुमार आनंद के मुताबिक, पुलिस को दोपहर करीब 1.30 बजे 112 हेल्पलाइन नंबर पर कॉल आई। एक लड़की का आरोप है कि उसके कपड़े उतार दिए गए और उसके साथ मारपीट की कोशिश की गई। अखिलेश यादव के करीबी सहयोगी माने जाने वाले यादव ने हाल ही में सोशल मीडिया पर सपा प्रमुख को जन्मदिन की शुभकामनाएं देते हुए एक वीडियो शेयर किया, जिसमें उनकी एक साथ कई पुरानी तस्वीरें दिखाई गईं। हालांक, पार्टी ने ये कह कर पल्ला झाड़ लिया कि उसने नवाब को काफी समय पहले ही पार्टी से निकाल दिया था।
न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक, SP ने कहा, “लड़की को बचा लिया गया और आरोपी नवाब सिंह यादव को आपत्तिजनक हालत में गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ के दौरान लड़की ने बताया कि वह अपनी बुआ के साथ नवाब सिंह यादव के घर पहुंची थी। उसे बताया गया कि उसे नौकरी के लिए वहां रहना होगा।"
अधिकारी ने आग कहा, "BNS और POCSO अधिनियम की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था। आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और आगे की जांच जारी है। लड़की नाबालिग है और उसकी उम्र करीब 15 साल है।''
लड़की और उसकी बुआ के पहुंचने के बाद, यादव ने कथित तौर पर लड़की का यौन उत्पीड़न किया। हालांकि, SP नेता ने आरोपों से इनकार किया है और दावा किया है कि ये आरोप उनके करियर को खत्म करने के मकसद से एक राजनीतिक साजिश का हिस्सा हैं।
नवाब सिंह के वकील नवीन कुमार दुबे ने ANI को बताया कि नवाब यादव को 14 दिनों के लिए जेल भेज दिया गया।
नवाब सिंह यादव को सपा प्रमुख अखिलेश यादव का भरोसेमंद सहयोगी माना जाता है। वह डिंपल यादव के प्रतिनिधि के तौर पर भी काम कर चुके हैं। सिंह ने हाल ही में अखिलेश यादव को जन्मदिन की बधाई देते हुए एक वीडियो शेयर किया था, जिसमें उन्होंने सपा प्रमुख के साथ पुरानी तस्वीरें लगाई थीं।
यादव की गिरफ्तारी अयोध्या में एक सपा नेता से जुड़े एक और हालिया मामले के बाद हुई है। जब अखिलेश यूपी के सीएम थे, तो नवाब को कथित तौर पर "मिनी चीफ मिनिस्टर" कहा जाता था।
कन्नौज लोकसभा क्षेत्र 1998 से समाजवादी पार्टी (सपा) का गढ़ रहा है। हाल ही में हुए लोकसभा चुनावों में, अखिलेश ने अपने नजदीकी प्रतिद्वंद्वी और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद सुब्रत पाठक को हराकर इस सीट पर 1,70,000 वोटों का अंतर से जीत हासिल की।
सपा ने नवाब यादव से बनाई दूरी
समाजवादी पार्टी ने नवाब यादव से दूरी बनी ली। कन्नौज के जिला अध्यक्ष कलीम खान ने कहा कि नवाब सिंह यादव समाजवादी पार्टी से जुड़े नहीं हैं। उन्होंने ANI से कहा कि वह करीब पांच सालों से पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल रहे हैं और कभी भी पार्टी के प्राथमिक या सक्रिय सदस्य नहीं थे।
पार्टी के एक आधिकारिक बयान में इस बात पर जोर दिया गया है, "यह साफ करना जरूरी है कि अड्डंगापुर निवासी चंदन सिंह यादव के बेटे नवाब सिंह यादव समाजवादी पार्टी के सदस्य नहीं हैं। उन्हें पार्टी से जोड़ने की तमाम कोशिशों के बावजूद, वह सालों से पार्टी विरोधी गतिविधियों में लगे हुए हैं और हमसे किसी भी हैसियत से जुड़े नहीं हैं।"
वहीं, बीजेपी प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने सपा पर अपने नेताओं को बचाने का आरोप लगाते हुए कहा, "नवाब सिंह यादव कोई ऐसे-वैसे SP नेता नहीं हैं, वह सांसद डिंपल यादव के प्रतिनिधि रहे हैं। ऐसे अपराधों पर लगातार पर्दा डाला जा रहा है, पहले यह अयोध्या के मोईद खान थे और अब कन्नौज के नवाब सिंह यादव हैं।"