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Pongal 2023: 4 दिवसीय पोंगल आज से शुरू, जानिए इस पर्व से जुड़ी परंपरा और खास महत्व

Pongal 2023: तमिलनाडु में पोंगल का त्योहार उत्साह के साथ मनाते हैं। 4 दिन का यह त्योहार आज 15 जनवरी से 18 जनवरी तक मनाया जाएगा। दूसरा दिन पोंगल का मुख्य दिन होता है। पोंगल के तीसरे दिन को मोटू पोंगल कहा जाता है। तमिल में पोंगल का अर्थ उबालना, उफान या विप्लव से है

MoneyControl Newsअपडेटेड Jan 15, 2023 पर 9:33 AM
Pongal 2023: 4 दिवसीय पोंगल आज से शुरू, जानिए इस पर्व से जुड़ी परंपरा और खास महत्व
पोंगल का त्योहार सूर्यदेव को समर्पित होता है

Pongal 2023: हमारे देश में सभी त्योहारों को धूमधाम और उत्साह के साथ मनाया जाता है। इनमें से एक पोंगल भी है। जिसे तमिलनाडु में बड़े ही उत्साह के साथ मनाया जाता है। पोंगल से तमिल महीने थाई की शुरुआत होती है। इसे शुभ महीना माना जाता है। आमतौर पर हर साल पोंगल की शुरुआत 14 या 15 जनवरी से होती है। उस पर्व में जो पकवान बनाया जाता है। उसका भी नाम पोंगल है। इस डिश को बनाने के लिए दूध में चावलों को उबाला जाता है। पोंगल तमिल शब्द पोंगू से लिया गया है। जिसका उबालना होता है। पोंगल पर्व पर सुख-समृद्धि के लिए वर्षा, धूप और कृषि से जुड़ी चीजों की पूजा अर्चना की जाती है।

पोंगल के 4 अलग-अलग दिन तय हैं। पहले दिन भोगी पोंगल (Bhogi Pongal), दूसरे दिन सूर्य पोंगल या थाई पोंगल (Thai Pongal), तीसरे दिन मट्टू पोंगल (Mattu Pongal) और चौथे दिन कानुम पोंगल (Kaanum Pongal मनाते हैं। पोंगल का पर्व सूर्य के उत्तरायण होने के दिन मनाया जाता है। पोंगल का त्योहार मुख्य रूप से तमिलनाडु के अलावा यह त्योहार पुडुचेरी, श्रीलंका भी मनाया जाता है।

पोंगल के 4 अलग-अलग दिन

भोगी पोंगल

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