भारत और कनाडा के बीच बिगड़ते हालातों के बीच कनाडा के सरे में एक गुरुद्वारे के बाहर लगे भारतीय राजनयिकों की हत्या की अपील करने वाले पोस्टरों को हटा दिया गया है। इसे लेकर लोकल अधिकारियों ने हस्तक्षेप भी किया था। इस साल जून में ही कनाडा में खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या कर दी गई थी। कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने इसे लेकर भारत पर आरोप लगाया था।
मीडिया में चल रही खबरों के मुताबिक कनाडा के लोकल अधिकारियों ने मुद्दे की गंभीरता, भयावहता और कनाडा की धरती से गलत संदेश की संभावनाओं का एहसास होने के बाद सरे सरे गुरुद्वारे पर लगे तीन भारतीय राजनयिक की हत्या की अपील वाले पोस्टरों को हटाने के लिए कहा था। गुरुद्वारे को भी आगाह किया गया है कि किसी भी कट्टरपंथी घोषणा के लिए लाउडस्पीकर का इस्तेमाल न किया जाए।
सरे के गुरुद्वारे के बाहर की गई थी निज्जर की हत्या
प्रतिबंधित खालिस्तान टाइगर फोर्स (KTF) के चीफ और भारत के मोस्ट वॉन्डेट आतंकवादियों में से एक 45 साल के हरदीप सिंह निज्जर की हत्या कनाडा के सरे में एक गुरुद्वारे के बाहर कर दी गई थी। निज्जर को दो अज्ञात हमलावरों ने गोली मारी थी। कनाडा के प्रधान मंत्री जस्टिन ट्रूडो ने सोमवार को हत्या में भारत सरकार के एजेंटों की संलिप्तता का आरोप लगाया। नई दिल्ली ने दावों को बेतुका और प्रेरित कहकर सिरे से खारिज कर दिया और इस मामले में कानाडा में भारतीय अधिकारी को निष्कासित करने के बदले में भारत ने भी एक सीनियर कनाडाई राजनयिक को निष्कासित कर दिया था।
इंटरसेप्ट ने पब्लिश की चौंकाने वाली रिपोर्ट
अब मीडिया में चल रही खबरों के मुताबिक इंटरसेप्ट ने एक बेहद ही चौंकाने वाली रिपोर्ट को भी पब्लिश किया है। इंटरसेप्ट की यह रिपोर्ट करहती है कि FBI के एजेंटों ने अमेरिका में खालिस्तानी तत्वों से मुलाकात करते हुए उनकी जान पर खतरे की चेतावनी दी थी। एजेंटों ने चेतावनी देते हुए यह बताया था कि उनकी जान को भी खतरा हो सकता है।