राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा: डमरू, नगाड़े, सारंगी से गूंजेगी अयोध्या, भोपाल के 108 संगीतकारों का ये म्यूजिक ग्रुप बजाएगा राम-धुन

Ram Mandir Inauguration: म्यूजिक ग्रुप में शामिल युवा और प्रोफेशनल सदस्यों का कहना है कि वे समारोह में कीर्तन करने के लिए अभ्यास कर रहे हैं। उनका दावा है कि वे लगातार तीन दिनों तक कीर्तन कर सकते हैं। ये संगीत मंडली डमरू और कई दूसरे वाद्ययंत्रों के साथ अपने कार्यक्रम पेश करेगी। संगीतकार अपने अलग-अलग वाद्ययंत्रों के साथ, 20 जनवरी को अयोध्या पहुंचने वाले हैं

अपडेटेड Jan 04, 2024 पर 9:00 PM
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राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा: डमरू, नगाड़े, सारंगी से गूंजेगी अयोध्या, भोपाल के 108 संगीतकारों का ये म्यूजिक ग्रुप बजाएगा राम-धुन

Ram Mandir Inauguration: अयोध्या (Ayodhya) में श्रीराम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा (Ram Mandir Pran Pratishtha) समारोह के दौरान भोपाल के 108 संगीतकारों की एक टीम राम-धुन बजाएगी। श्री बाबा बटेश्वर कीर्तन समिति का दावा है कि ये देश का इकलौता ग्रुप है, जिसे प्राण प्रतिष्ठा समारोह के दौरान राम-धुन (Ram Dhun) बजाने का न्योता मिला है। म्यूजिक ग्रुप में शामिल युवा और प्रोफेशनल सदस्यों का कहना है कि वे समारोह में कीर्तन करने के लिए अभ्यास कर रहे हैं। उनका दावा है कि वे लगातार तीन दिनों तक कीर्तन कर सकते हैं।

न्यूज एजेंसी PTI के मुताबिक, म्यूजिक ग्रुप के एक कलाकार अनिल सोनी कहते हैं, "सबसे पहले तो मैं आपको बताऊं हमारे लिए सौभाग्य की बात है। भगवान राम जन्मभूमि के लिए, भारतवर्ष से हमारी श्री बाबा बटेश्वर कीर्तन समिति जो कि भोपाल से रजिस्टर्ड है, उसका चयन हुआ है। कम-से-कम 30-35 दिन से तैयारी कर रहे हैं। भगवान राम की जन्मभूमि में प्रस्तुती करने के लिए कम से कम साल भर का प्रयास है हमारा। हमारी टीम के सभी सदस्य भाव से जुड़ कर कार्य करते हैं। इसमें 108 लोगों की हमारी टीम वहां जा रही है।"

टीम के एक और कलाकार सुधांशु तिवारी ने कहा, "हम लोग पिछले 30 दिनों से डमरू बजाने की प्रैक्टिस करते हैं। डमरू बजाने वाले जितने भी सब डमरू धारी हैं, इसमें बहुत कष्ट भी झेलना पड़ता है। सबके पूरे हाथ भी छिल जाते हैं। बहुत मेहनत का काम है। हम बड़े सौभाग्यशाली हैं, हम लोग जो हमें भगवान राम ने और बाबा बटेश्वर ने अयोध्या में बुलावा दिया है।"


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कलाकार अनिल ठाकुर ने कहा, "जहां डमरू हो, नगाड़ा हो, सारंगी हो, ये सब चीजें प्रभु शिवजी के नटराज से पैदा होती है। नटराज रूप में प्रभु हमेशा, जहां ये सब संगीत निकला है, वो सब प्रभु नटराज से निकला है। जोगी महाकाल महादेव जी राम जी की माला करते हैं, तो हमें सौभाग्य प्राप्त हुआ है राम मंदिर हम जाएं जो हमारे इष्ट हैं, हमें उनके यहां जाने का सौभाग्य मिला है।"

ये संगीत मंडली डमरू और कई दूसरे वाद्ययंत्रों के साथ अपने कार्यक्रम पेश करेगी। संगीतकार अपने अलग-अलग वाद्ययंत्रों के साथ, 20 जनवरी को अयोध्या पहुंचने वाले हैं।

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