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Ram Mandir: 'बाबरी के भीतर से भगवान की मूर्ति हटाने के बजाय, मुझे हटा दिया जाए' जब फैजाबाद के DM केके नायर ने नहीं माना था प्रधानमंत्री का आदेश

Ram Mandir Inauguration: फैजाबाद के दो अधिकारियों ने तत्कालीन प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू के उन आदेशों को दरकिनार कर दिया, जो उन्होंने बाबरी मस्जिद से मूर्ति हटाए जाने के संबंध में दिए थे। वास्तव में ये सिर्फ प्रशासन और केंद्र सरकार के खिलाफ लड़ाई नहीं थी, बल्कि कांग्रेस के अंदर ही विचारधाराओं को लेकर चल रही खींच तान भी थी

Brijesh Shuklaअपडेटेड Jan 10, 2024 पर 6:23 PM
Ram Mandir: 'बाबरी के भीतर से भगवान की मूर्ति हटाने के बजाय, मुझे हटा दिया जाए' जब फैजाबाद के DM केके नायर ने नहीं माना था प्रधानमंत्री का आदेश
Ram Mandir Inauguration: जब फैजाबाद के DM केके नायर ने नहीं माना था प्रधानमंत्री का आदेश

"मुझे जानकारी मिली है कि अयोध्या स्थित बाबरी मस्जिद में मूर्तियां स्थापित कर दी गई हैं। यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण बात है। अयोध्या में घटी यह घटना बहुत परेशान करने वाली है। वहां पर आपत्तिजनक उदाहरण प्रस्तुत किया जा रहा है। मस्जिद से मूर्तियों को तत्काल हटाया जाए।"

जवाहरलाल नेहरू, प्रधानमंत्री भारत सरकार

26 दिसंबर 1949

"बाबरी मस्जिद से मूर्ति हटाए जाने के विचार से मैं सहमत नहीं हूं और अपनी पहल पर यह नहीं करना चाहता, क्योंकि इससे ऐसी भयावह स्थिति पैदा हो जाएगी, जो इस विवाद के इतिहास में अभूतपूर्व होगी। मुझे कांग्रेसियों में भी ऐसा कोई हिंदू नहीं मिला, जो मूर्ति हटाए जाने की प्रस्ताव का समर्थन करता हो। मेरा प्रस्ताव है कि मस्जिद में हिंदू और मुसलमान दोनों के प्रवेश को वर्जित कर दिया जाए और केवल पुजारी वहां पर भोग और आरती कर सके। यदि सरकार किसी कीमत पर मूर्ति हटाए जाने की कोशिश करती है, तो फिर मुझे कार्य मुक्त कर दिया जाए।"

के. के. नायर, डी.एम. फैजाबाद

27 दिसंबर 1949

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