"दुर्भाग्यपूर्ण है कि हिंदुओं के पवित्र स्थान को गिरा कर यहां पर मस्जिद बना दी गई लेकिन अब बहुत मुश्किल है इस शिकायत का कोई हल निकल पाना क्योंकि इस घटना के 356 साल गुजर चुके हैं। इसलिए अब जो किया जा सकता है वह यही है कि सभी पक्ष स्टेटस यानि यथास्थिति बनाए रखे। यानी मस्जिद में नमाज होती रहे और बाबरी मस्जिद से लगे चबूतरे पर राम लला की पूजा हो।"
