Ram Mandir: राम मंदिर 'थीम' वाली साड़ियों की बढ़ी मांग! US से भी मिल रहे ऑर्डर, साड़ी बुनकरों में उत्साह

Ram Temple Inauguration: अयोध्या में 22 जनवरी को भगवान राम का प्राण प्रतिष्ठा समारोह होने वाला है। सुप्रीम कोर्ट ने 2019 में ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए एक सदी से भी अधिक समय पुराने मंदिर-मस्जिद विवाद का निपटारा कर दिया था। शीर्ष अदालत ने विवादित स्थल पर राम मंदिर के निर्माण का समर्थन किया था

अपडेटेड Jan 07, 2024 पर 7:38 PM
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Ram Mandir Inauguration: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 22 जनवरी को राम मंदिर उद्घाटन समारोह में भाग लेंगे

Ram Temple Inauguration: उत्तर प्रदेश के अयोध्या में 22 जनवरी होने वाले भगवान राम के प्राण प्रतिष्ठा समारोह से पहले राम मंदिर की 'थीम' पर बनी बनारसी साड़ियां फैशन की दुनिया में धूम मचाने के लिए तैयार है। साड़ी बुनकर इन साड़ियों के पल्लुओं को सुंदर बनाने के लिए काम कर रहे हैं। बुनकरों को साड़ियों पर विभिन्न डिजाइन के लिए ऑर्डर मिले हैं। इनमें साड़ियों के पल्लुओं पर राम मंदिर की आकृति, भगवान राम के जीवन से जुड़ी जानकारी वाले डिजाइन शामिल हैं। बता दें कि भव्य राम मंदिर का पहला चरण पूरा होने वाला है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 22 जनवरी को राम मंदिर उद्घाटन समारोह में भाग लेंगे।

जैसे ही अयोध्या राम मंदिर में 'प्राण प्रतिष्ठा' के लिए तैयार हो रही है, देशभर के बुनकर अनूठी कृतियों के माध्यम से मंदिर के उद्घाटन के लिए अपना उत्साह व्यक्त कर रहे हैं। मुबारकपुर क्षेत्र के बुनकर अनीसुर रहमान ने कहा कि इस भव्य आयोजन को लेकर वाराणसी के बुनकर समुदाय में भारी उत्साह है। रहमान ने न्यूज एजेंसी पीटीआई से कहा, "ऐतिहासिक विशेषताओं के साथ डिजाइन वाली साड़ियों की हमेशा से काफी मांग रही है, लेकिन राम मंदिर के प्रति भावना पूरी तरह से अलग है।"

उन्होंने कहा, "हम राम मंदिर 'थीम' पर साड़ियां तैयार कर रहे हैं और ये जल्द ही फैशन की दुनिया में धूम मचाने को तैयार है। हमारे पास देश के विभिन्न हिस्सों से महिलाओं के 'ऑर्डर' मिले हैं जो इन साड़ियों को पहनकर अपने-अपने स्थानों पर 22 जनवरी का जश्न मनाना चाहती हैं।"


कैसी हैं साड़ियां?

राम मंदिर की 'थीम' पर तैयार की जा रही साड़ियों के प्रकार के बारे में बताते हुए रहमान ने कहा, "एक प्रकार की साड़ियों के पल्लू पर राम मंदिर का शिलालेख होता है; ये साड़ियां लाल और पीले रंग में बनाई जा रही हैं और शिलालेख सुनहरे रंग में है। दूसरी तरह की साड़ियां कई रंगों में उपलब्ध हैं और उनके बॉर्डर पर 'श्री राम' लिखा हुआ है।"

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उन्होंने कहा, "तीसरे प्रकार की साड़ियों पर भगवान राम के बचपन से लेकर रावण वध तक उनके जीवन के विभिन्न चरणों को दर्शाया गया है।" यहां पीली कोठी क्षेत्र के एक अन्य बुनकर मदन ने कहा कि पल्लू पर 'राम दरबार' के चित्रण वाली साड़ियों की भी काफी मांग है।

अमेरिका से भी मिल रहे ऑर्डर

मदन ने कहा, "हमारे पास राम मंदिर-थीम वाली साड़ियों के लिए अमेरिका से भी दो ऑर्डर मिले हैं।उन्होंने कहा कि इन साड़ियों की कीमत सात हजार रुपये से शुरू होकर एक लाख रुपये तक है। सुप्रीम कोर्ट ने 2019 में ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए एक सदी से भी अधिक समय पुराने मंदिर-मस्जिद विवाद का निपटारा कर दिया था। शीर्ष अदालत ने विवादित स्थल पर राम मंदिर के निर्माण का समर्थन किया था। साथ ही फैसला सुनाया था कि मस्जिद के निर्माण के लिए भी वैकल्पिक पांच एकड़ जमीन दी जानी चाहिए।

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