Ram Mandir Inauguration: अयोध्या में 22 जनवरी को होने वाले राम लला की प्राण प्रतिष्ठा से पहले राजनीति तेज हो गई है। विपक्षी नेता राम मंदिर उद्घाटन समारोह को लेकर लगातार विवादित और शर्मनाक बयान दे रहे हैं। इस क्रम में अब राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के नेता जितेंद्र आव्हाड (Jitendra Awhad) ने अपनी टिप्पणी से विवाद खड़ा कर दिया है कि "भगवान राम मांसाहारी थे"। NCP के शरद पवार गुट से आने वाले आव्हाड ने बुधवार को महाराष्ट्र के शिरडी में एक कार्यक्रम में यह विवादित टिप्पणी की।
BJP हरियाणा के सोशल मीडिया प्रमुख अरुण यादव द्वारा X पर साझा की गई एक क्लिप में, आव्हाड को यह कहते हुए सुना जा सकता है कि भगवान राम क्षत्रिय थे और वे मांस खाते हैं। उन्होंने आगे कहा, "भारत की 80 प्रतिशत आबादी मांसाहारी है। वे भगवान राम के भी भक्त हैं।"
वायरल वीडियो में NCP नेता कह रहे हैं कि भगवान राम ने अपने 14 साल के वनवास के दौरान जंगल में रहे। जंगल में उन्होंने जानवरों का शिकार किया, क्योंकि वहां शाकाहारी भोजन मिलना मुश्किल था। भगवान राम को मांसाहारी बताने पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने पलटवार करते हुए पूछा है कि क्या आव्हाड त्रेतायुग में देखने गए थे?
आव्हाड ने हिंदू महाकाव्य रामायण में भगवान राम द्वारा जंगलों में बिताए गए 14 वर्षों का जिक्र करते हुए कहा, "भगवान राम हम बहुजनों के हैं। वह जानवरों का शिकार करते हैं और खाते (मांस) थे। वह एक बहुजन हैं। जब आप लोग हम सबको शाकाहारी बनाने जाते हैं, तो हम राम के आदर्शों पर चलते हैं और आज हम मटन खाते हैं। यही राम का आदर्श है। राम शाकाहारी नहीं थे, मांसाहारी थे।"
BJP नेता राम कदम ने भगवान राम को "मांसाहारी" बताने वाले बयान के लिए NCP-शरद पवार गुट के नेता जितेंद्र आव्हाड के खिलाफ FIR दर्ज करने के लिए गुरुवार को शिकायत दर्ज कराई। राम कदम ने कहा, "...पुलिस ने हमें आश्वस्त किया है कि वीडियो फुटेज की जांच करके उनके (जितेंद्र आव्हाड) खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी... ये प्रभु राम चंद्र जी के दिए गए आदर्शों पर चलने वाली सरकार है... महाराष्ट्र की भूमि पर हम किसी को भी देवी-देवताओं का अपमान नहीं करने देंगे..."
कदम ने कहा कि क्या हो गया है इन्हें? एक ओर शरद पवार की चुप्पी, दूसरी ओर उद्धव ठाकरे की चुप्पी... परिवार को कैसे राजनीति में लाएं उन्हें(उद्धव ठाकरे) बस इसी बात की पड़ी है... ये सोची समझी राजनीति है... बार-बार हिंदू समाज का मजाक उड़ाओ और किसी एक संप्रदाय को खुश करो।" एक दिन पहले बीजेपी विधायक राम कदम ने 22 जनवरी को रामलला अभिषेक समारोह के दिन महाराष्ट्र सरकार से शराब और मांस पर एक दिन का बैन लगाने का आग्रह किया था।