Ratan Tata Hospitalised: टाटा संस के 86 वर्षीय पूर्व चेयरमैन रतन टाटा के सीरियस हालत में अस्पताल में भर्ती होने की खबर अफवाह निकली है। खुद रतन टाटा (Ratan Tata) ने सोमवार को एक बयान जारी कर कहा कि मैं अपने स्वास्थ्य के बारे में हाल ही में फैली अफवाहों से अवगत हूं। सभी को आश्वस्त करना चाहता हूं कि ये दावे निराधार हैं। उन्होंने कहा कि मैं वर्तमान में अपनी उम्र और संबंधित स्थितियों के कारण रूटीन मेडिकल जांच करवा रहा हूं।
सोमवार सुबह खबर आई थी कि रतन टाटा को मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। दावा किया गया था कि उन्हें गंभीर हालत में अस्पताल लाया गया था और वर्तमान में वे कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. शारुख अस्पी गोलवाला के देखरेख में ICU में हैं।
इंस्टाग्राम पर अपने आधिकारिक अकाउंट पर रतन टाटा ने अपने स्वास्थ्य से जुड़ी अफवाहों को खारिज करते हुए कहा कि मैं उम्र संबंधी बीमारियों की जांच करवा रहा हूं। उन्होंने लिखा, "मैं अपने स्वास्थ्य के बारे में हाल ही में फैली अफवाहों से अवगत हूं और सभी को आश्वस्त करना चाहता हूं कि ये दावे निराधार हैं। मैं वर्तमान में अपनी उम्र और संबंधित चिकित्सा स्थितियों के कारण मेडिकल जांच करवा रहा हूं।"
उन्होंने आगे कहा कि वह "अच्छे मूड में" हैं। उन्होंने कहा, "चिंता की कोई बात नहीं है। मैं अच्छे मूड में हूं और जनता और मीडिया से अनुरोध करता हूं कि गलत सूचना फैलाने से बचें।" इससे पहले, कई मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया था कि 86 वर्षीय बुजुर्ग को अस्पताल ले जाया गया। रिपोर्ट्स में यहां तक दावा किया गया कि ब्लड प्रेशर कम होने के बाद उन्हें ICU (intensive care unit) में भर्ती कराया गया।
रतन नवल टाटा (Ratan Naval Tata) एक सम्मानित भारतीय उद्योगपति, परोपकारी और टाटा संस के पूर्व चेयरमैन हैं। वे 1990 से 2012 तक Tata Group के अध्यक्ष के रूप में टाटा समूह के शीर्ष पर थे। वे अक्टूबर 2016 से फरवरी 2017 तक अंतरिम अध्यक्ष भी रहे।
वे इसके धर्मार्थ ट्रस्टों का नेतृत्व करना जारी रखते हैं। भारत सरकार ने पारसी समुदाय के दिग्गज कारोबारी को सम्मानित किया है। 2000 में तीसरा सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म भूषण प्राप्त करने के बाद 2008 में उन्हें भारत का दूसरा सबसे बड़ा नागरिक सम्मान पद्म विभूषण मिला।