भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के गवर्नर शक्तिकांत दास ने बल्क डिपॉजिट की परिभाषा में संशोधन का प्रस्ताव रखा है। इसका असर सामान्य बैंकों और छोटे वित्त बैंक (SFB)दोनों पर पड़ेगा। हालांकि क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों (RRB) को इससे बाहर रखा जाएगा। नए प्रस्ताव के मुताबिक, 3 करोड़ से ऊपर के डिपॉजिट को बल्क डिपॉजिट मानने की सिफारिश की गई है। यानी बल्क डिपॉजिट की लिमिट बढ़ा दी जाएगी। बता दें कि बल्क डिपॉजिट का मतलब बैंकों में एक बार में जमा की जाने वाली राशि से होता है। बल्क डिपॉजिट की लिमिट वो सीमा होती है, जिस सीमा से ज्यादा धन राशि एक बार में जमा नहीं की जा सकती। इस एडजस्टमेंट का उद्देश्य बैंकिंग सेक्टर में अहम जमाराशियों के वर्गीकरण को सुव्यवस्थित करना है।
