Republic Day 2025 : भारत अपना 76वां गणतंत्र दिवस मना रहा है। राजधानी दिल्ली के कर्तव्य पथ पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, इंडोनेशिया के राष्ट्रपति के साथ पहुंचीं और तिरंगा फहराया। इस साल के गणतंत्र दिवस के समारोह में इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबिआंतो मुख्य अतिथि के रूप में भारत आए हुए हैं। वहीं ध्वजारोहण के बाद कर्तव्य पथ पर कर्तव्य पथ पर परेड शुरू हुई। परेड में भारत की भारत की संस्कृति और सेना की ताकत का बेहतरीन प्रदर्शन देखने को मिला। अगर अपने किसी तरह से कर्तव्य पथ पर भारत की संस्कृति और सेना की ताकत का नजारा नहीं देखा तो कोई बात नहीं। कर्तव्य पथ पर आज के परेड में क्या-क्या रहा खास आइए इसके बारे में हम आपको बताते हैं।
भारतीय वायु सेना ने 76वें गणतंत्र दिवस परेड के दौरान कर्तव्य पथ पर फ्लाई-पास्ट प्रस्तुत किया। इस फ्लाई पास्ट में 22 लड़ाकू विमान, 11 ट्रांसपोर्ट विमान और 7 हेलीकॉप्टर सहित कुल 40 विमान शामिल रहे। भारतीय वायुसेना ने फ्लाई पास्ट में हवाई करतबें दिखाया। थर्राते और गुंजाते हवाई जहाजों के रोमांचक ने लोगों को अपना दिवाना बना दिया। तीन अपाचे विमान विक फार्मेशन में नजर आए। भीम फॉरमेशन इस फॉरमेशन में एक सी - 17 और दो सूखोई-30 विमान ऐशलॉन (स्ट्रीमिंग फ्यूल) में विक फॉरमेशन बनाते हुए नजर आए। वहीं, इस बार एयर शो में जो फार्मेशन नजर आई, उनमें ध्वज, अजय, सतलुज, रक्षक, अर्जन, नेत्र, भीम, अमृत, वज्रांग, त्रिशूल और विजय शामिल हैं।
इंडोनेशिया की सेना भी हिस्सा लिया
इंडोनेशियाई सैन्य अकादमी के 190 सदस्यीय बैंड जेंडरंग सुलिंग कांका लोकानंता और इंडोनेशियाई राष्ट्रीय सशस्त्र बलों (टीएनआई) की सभी शाखाओं के 152 कर्मियों से युक्त मार्चिंग टुकड़ी ने 76वें गणतंत्र दिवस पर कर्तव्य पथ पर मार्च किया। बता दें कि ये पहली बार है कि भारत के गणतंत्र दिवस के मौके पर इंडोनेशिया सेना के एक मार्चिंग दस्ते में भाग लिया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और इंडोनेशियाई राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो रविवार को 76वें गणतंत्र दिवस परेड समारोह के लिए पारंपरिक बग्गी में सवार होकर कार्तव्य पथ पर पहुंचे।
‘द डेयर डेविल्स’ ने दिखाया अपना दम
‘द डेयर डेविल्स’ के नाम से मशहूर कॉर्प्स ऑफ सिग्नल्स मोटरसाइकिल राइडर डिस्प्ले टीम ने मोटरसाइकिल प्रदर्शन के दौरान हैरतअंगेज करतब दिखाए। टीम बुलेट सैल्यूट, टैंक टॉप, डबल जिमी, डेविल्स डाउन, लैडर सैल्यूट, शत्रुजीत, श्रद्धांजलि, मर्करी पीक, इन्फो वॉरियर्स, लोटस और ह्यूमन पिरामिड सहित विभिन्न संरचनाओं को कर्तव्य पथ पर दिखाया।
कर्तव्य पथ पर उत्तर प्रदेश की झांकी भी नजर आई। झांकी में बहुत समीचीन और अध्यात्म से जुड़े विषय ‘महाकुंभ 2025-स्वर्णिम भारतः विरासत और विकास' की भव्यता प्रदर्शित की गई, जिसे विश्व स्तर पर 'मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत' में मान्यता प्राप्त है। वर्चुअल महाकुंभ में प्रतिभागिता जैसी अनुभूति भी हो रही है। यह विस्मयकारी महाकुंभ पवित्र गंगा, निर्बाध यमुना और प्रयागराज में पौराणिक सरस्वती के संगम पर आयोजित महाकुंभ को दिखाया गया।