सुप्रीम कोर्ट बुधवार को पिछले साल कोलकाता के सरकारी आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में एक ट्रेनी डॉक्टर के साथ बलात्कार और हत्या से जुड़े स्वत: संज्ञान मामले की सुनवाई करेगा। कोलकाता की एक अदालत ने 20 जनवरी को दोषी संजय रॉय को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। नाइट ड्यूटी पर तैनात ट्रेनी डॉक्टर के साथ बलात्कार और हत्या का दोषी रॉय पाया गया था। हालांकि, इस फैसले के बाद राज्य भर में दोषी को मृत्युदंड देने की मांग उठने लगी।
शीर्ष अदालत पीड़िता के माता-पिता की ओर से दायर एक नए हस्तक्षेप आवेदन पर भी सुनवाई करेगी, जिसमें सही तरीके से जांच न करने का आरोप लगाया गया है और मामले में आगे की जांच की मांग की गई है।
आरजी कर मेडिकल कॉलेज में महिला डॉक्टर के साथ दुष्कर्म और हत्या की घटना 9 अगस्त 2024 को हुई थी, जबकि सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले का स्वत: संज्ञान 18 अगस्त 2024 को लिया था।
पश्चिम बंगाल सरकार ने आरजी कर अस्पताल के डॉक्टर के साथ दुष्कर्म और उसकी हत्या करने के मामले में दोषी को मौत की सजा देने का अनुरोध करते हुए मंगलवार को कलकत्ता हाई कोर्ट में अपील दायर की और अदालत से जरूरी अनुमति हासिल की।
सियालदह अदालत ने संजय रॉय को मामले में मृत्यु तक कारावास की सजा सुनाए जाने के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस आदेश को हाई कोर्ट में चुनौती देने की घोषणा की थी और मुख्यमंत्री की इस घोषणा के 24 घंटे से भी कम समय में राज्य सरकार ने यह कदम उठाया है।
महाधिवक्ता किशोर दत्ता ने सियालदह के अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश अनिर्बान दास की ओर से पारित आदेश को चुनौती देने के लिए मंगलवार सुबह जस्टिस देबांगसु बसाक और जस्टिसल मोहम्मद शब्बार रशीदी की बेंच के सामने याचिका दायर की।