द्वारकापीठ के शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती का निधन, 99 साल की उम्र में ली अंतिम सांस

स्वामी शंकराचार्य ने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए लंबी कानूनी लड़ाई लड़ी। उन्होंने आजादी के आंदोलन में भी भाग लिया था। उन्होंने 15 महीने की जेल में सजा काटी थी

अपडेटेड Sep 11, 2022 पर 5:45 PM
Story continues below Advertisement
स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती को हिंदुओं का सबसे बड़ा धर्मगुरु माना जाता था

द्वारकापीठ के शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती (Dwarkapeeth Shankaracharya Swami Swaroopanand Saraswati) का 99 साल की आयु में रविवार को निधन हो गया। प्रसिद्ध हिंदू धर्मगुरु ने मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले के श्रीधाम झोटेश्वर आश्रम में रविवार दोपहर 3.30 बजे अंतिम सांस ली।

स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती को हिंदुओं का सबसे बड़ा धर्मगुरु माना जाता था। हाल ही में स्वरूपानंद सरस्वती ने अपना 99वां जन्मदिवस मनाया था, जिसमें मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान समेत राज्य के कई बड़े नेताओं ने उनसे मुलाकात की थी।

ये भी पढ़ें- Brahmastra Box Office Collection: रणबीर-आलिया की 'ब्रह्मास्त्र' देगी बॉलीवुड को संजीवनी, दो दिन में फिल्म ने कमा लिए इतने करोड़


स्वामी शंकराचार्य ने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए लंबी कानूनी लड़ाई लड़ी। उन्होंने आजादी के आंदोलन में भी भाग लिया था। उन्होंने 15 महीने की जेल में सजा काटी थी। स्वामी जी ने यूपी के वाराणसी में 9 और मध्य प्रदेश में 6 महीने जेल की सजा काटी थी।

SwamiSwaroopanand

अंतिम समय में शंकराचार्य के अनुयायी और शिष्य उनके समीप थे। उनके बृह्मलीन होने की सूचना के बाद आसपास के क्षेत्रों से भक्तों की भीड़ आश्रम की ओर पहुंचने लगी है। हिंदुओं के सबसे बड़े धर्मगुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरुपानंद का जन्म मध्य प्रदेश के सिवनी जिले के दिघोरी गांव में ब्राह्मण परिवार में हुआ था।

उनके माता-पिता ने इनका नाम पोथीराम उपाध्याय रखा था। बताया जाता है कि महज नौ साल की उम्र में उन्होंने घर छोड़ धर्म की यात्रा शुरू कर दी थी। स्वामी स्वरूपानंद ने साल 1950 में वे दंडी संन्यासी बनाए गए और 1981 में शंकराचार्य की उपाधि मिली।

साल 1950 में ज्योतिषपीठ के ब्रह्मलीन शंकराचार्य स्वामी ब्रह्मानंद सरस्वती से दण्ड-सन्यास की दीक्षा ली और स्वामी स्वरूपानन्द सरस्वती नाम से जाने जाने लगे। स्वामी स्वरुपानंद के पास बद्री आश्रम और द्वारकापीठ की जिम्मेदारी थी।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।