Monsoon 2024: भारत में इस साल मानसून सीजन के दौरान सामान्य बारिश होने का अनुमान है। मौसम से जुड़े अनुमान बताने वाली प्राइवेट एजेंसी स्काईमेट वेदर (Skymet Weather) ने आज 9 अप्रैल को यह भविष्यवाणी की। आगामी मानसून सीजन जून से सितंबर तक, करीब 4 महीने लंबा चलेगा। स्काईमेट को उम्मीद है कि इस साल मानसून सीजन के दौरान 868.6 मिमी बारिश हो सकती है, जो लंबी अवधि के औसत का 102% होगा और यह 'सामान्य' कैटेगरी में आएगा। स्काईमेट ने कहा कि उसके अनुमान में +/- 5% की गलती हो सकती है। बता दें कि अगर बारिश, लंबी अवधि के औसत के मुकाबले 96% से 104% के दायरे में है, तो इसे सामान्य बारिश माना जाता है।
इससे पहले 12 जनवरी 2024 को स्काईमेट ने इस साल के लिए जारी अपने पहले पूर्वानुमान में भी मानसून के सामान्य रहने का अनुमान जताया था और उसने इसे बरकरार रखा है।
स्काईमेट ने कहा कि हवाओं के अल नीनो से तुरंत ला नीना में बदलने की स्थिति के कारण इस साल मानसून सीजन की शुरुआत देरी से हो सकती है। स्काईमेट ने कहा कि इसके अलावा पूरे सीजन के दौरान बारिश का वितरण असमान रहने का अनुमान है।
स्काईमेट के मैनेजिंग डायरेक्टर जतिन सिंह ने कहा, "अल नीनो तेजी से ला नीना में तब्दील हो रहा है। जिस साल ला नीना की स्थिति रहती है, उस दौरान मानसून सर्कुलेशन मजबूत हो जाता है। इसके अलावा, ऐतिहासिक रूप से देखें तो जब भी सुपर अल नीनो बदलकर मजबूत ला नीना का रूप लेता है, उस साल मानसून सीजन अच्छा रहता है। हालांकि, अल नीनो के बचे हुए असर के चलते मानसून सीजन की शुरूआत थोड़ी देरी से हो सकती है। सीजन के दूसरे भाग में शुरुआती चरण की तुलना में अधिक बारिश हो सकती है।"
स्काईमेट एजेंसी को देश के दक्षिण, पश्चिम और उत्तर-पश्चिमी इलाकों में "पर्याप्त अच्छी बारिश" की उम्मीद है। स्काईमेट ने कहा, "महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश के मुख्य मानसून इलाकों में पर्याप्त बारिश होगी। वहीं बिहार, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के पूर्वी राज्यों में जुलाई और अगस्त जैसे पीक मानसून महीनों के दौरान कम बारिश का खतरा रहेगा। पूर्वोत्तर भारत में मानसून सीजन के पहले हिस्से के दौरान कम बारिश होने की संभावना है।"