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Snake Venom: क्या है सांप के जहर का नशा, कैसे बनता है? यहां जानिए पूरी डिटेल

Snake Venom: बिग बॉस ओटीटी के विजेता और मशहूर यूट्यूबर एल्विश यादव पर रेव पार्टी में सांप का जहर सप्लाई करने का आरोप लगा है। इस मामले में उन पर FIR भी दर्ज हुई है। दिल्ली की रेव पार्टियों में सांप के जहर से नशे का चलन तेजी से बढ़ता जा रहा है। ऐसे में सांप के जहर से किए जाने वाले नशे को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं

Edited By: Jitendra Singhअपडेटेड Nov 06, 2023 पर 11:12 AM
Snake Venom: क्या है सांप के जहर का नशा, कैसे बनता है? यहां जानिए पूरी डिटेल
Snake Venom: सांप के जहर से बनने वाले ड्रग्स पाउडर की एक चुटकी 32 हजार रुपये तक में बिकती है।

Snake Venom: इन दिनों सांप के जहर का नशा सुर्खियां बटोर रहा है। हर तरफ इसी की चर्चा हो रही है। इस मामले में बिग बॉस ओटीटी सीजन-2 के विजेता और यूट्यूबर एल्विश यादव सुर्खियों में हैं। उन पर आरोप है कि वो नोएडा में अपने साथियों के साथ रेव पार्टी करते थे। नशे में सांपों के जहर का इस्तेमाल करते थे। हालांकि, पूरे मामले में यूट्यूबर ने अपना पक्ष रखते हुए सभी आरोपों को बेबुनियाद बताया है। ऐसे में अब सवाल ये उठने लगा है कि आखिर सांप का जहर क्या होता है? कैसे इस्तेमाल किया जाता है? इसका चलन तेजी से क्यों बढ़ रहा है ?

दरअसल, रेव पार्टियां हमेशा से ड्रग्स के लिए बदनाम रही हैं। रईसजादों की रेव पार्टियों की जान अमूमन कोकीन और एफेड्राइन जैसी ड्रग्स होती हैं। इनकी एक पिल 4,000-7,000 रुपये में आती है। लेकिन, अब K-72 और K-76 यानी कोबरा के जहर की गोली युवाओं को अपनी जद में ले रही। जहर को प्रोसेस कर पाउडर बनाया जाता है। जिसकी एक चुटकी 28000 रुपये से लेकर 32,000 रुपये तक में बिकती है।

कैसे बनता है सांप के जहर का ड्रग?

सांप के जहर का ड्रग बनाने के लिए सांपों की कुछ खास प्रजातियों का इस्तेमाल किया जाता है। इनमें नाजा-नाजा (कोबरा), ग्रीन स्नेक और बंगेकरस केरिलियुस (क्रॉमन क्रैत) शामिल हैं। एक्सपर्ट के मुताबिक, सांप के जहर में ऐसे केमिकल होते हैं, जो खास तरह का आनंद महसूस कराते हैं। शरीर को एनर्जी से भरते हैं, क्योंकि इनका असर सीधे दिमाग पर होता है। सांप के जहर की कुछ बूंदों को अल्कोहल में मिलाकर लिया जाता है। वहीं कुछ इस जहर को प्रोसेस कर पाउडर में बदल देते हैं। 500 ML जहर को पाउडर में प्रोसेस किया जाता है। जिसका इस्तेमाल 1,000 लीटर शराब में किया जा सकता है।

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