दक्षिण-पश्चिम मानसून के मध्य प्रदेश में 15 जून तक पहुंचने की संभावना है। अगर ऐसा हुआ तो यह राज्य में अपने सामान्य आगमन से दो दिन पहले ही दस्तक दे देगा। दक्षिण-पश्चिम मानसून ने 30 मई को केरल और पूर्वोत्तर क्षेत्र में समय से पहले ही दस्तक दे दी। केरल और पूर्वोत्तर में मानसून का एक साथ आना काफी दुर्लभ है और इससे पहले चार मौकों-2017, 1997, 1995 और 1991 में ऐसा हुआ था।
न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) भोपाल केंद्र के मौसम विज्ञानी प्रमेंद्र कुमार का कहना है, ‘‘मध्य प्रदेश में मानसून के 15 जून के आसपास या अपने सामान्य समय से एक या दो दिन पहले आने की संभावना है।’’
उन्होंने यह भी बताया कि इस मौसम में राज्य में सामान्य से अधिक बारिश होने की उम्मीद है। मध्य प्रदेश में औसतन 949 मिलीमीटर बारिश होती है। कुमार के मुताबिक, पिछले साल राज्य में मानसून का आगमन 25 जून को हुआ था लेकिन कम समय में ही उसने पूरे राज्य को कवर कर लिया था।
दक्षिणी मध्य प्रदेश में कब तक पहुंच सकता है मानसून
IMD के भोपाल केंद्र के एक अन्य मौसम विज्ञानी प्रकाश धवले ने बताया कि दक्षिण-पश्चिम मानसून ने केरल में समय से पहले दस्तक दे दी है। अगर प्रगति सामान्य रही तो मानसून 17 जून से एक या दो दिन पहले दक्षिणी मध्य प्रदेश पहुंच सकता है। वर्ष 2022 में राज्य के मध्य क्षेत्र में मानसून का आगमन अपने सामान्य समय से एक दिन पहले 16 जून को हुआ था। 21 जून तक इसने राज्य के 80 प्रतिशत हिस्से को कवर कर लिया था।
दिल्ली में न्यूनतम तापमान 30.2 डिग्री सेल्सियस
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 1 जून को न्यूनतम तापमान 30.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यह मौसम के औसत से 3 डिग्री अधिक है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने दिन में आमतौर पर बादल छाए रहने, लू चलने और धूल भरी आंधी या गरज के साथ हल्की बारिश के साथ तेज हवाएं चलने का अनुमान जताया है। राष्ट्रीय राजधानी में अधिकतम तापमान 43 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है।