Champions Trophy 2025 : आठ साल बाद होने जा रहे चैंपियंस ट्रॉफी 2025 का खुमार फिलहाल क्रिकेट जगत में छाया हुआ है। 19 फरवरी से शुरू हो रहे टूर्नामेंट के लिए सभी टीमें अपनी तैयारी में जुटी हैं पर मेजबान देश से कुछ ऐसी तस्वीरें सामने आईं हैं, जिससे इस टूर्नामेंट पर ही सवालिया निशान लग गया है। बता दें कि आज से 43 दिन बाद चैंपियंस ट्रॉफी खेली जानी है और इल बार टू्र्नामेंट की मेजबानी पाकिस्तान को मिली है। लेकिन पाकिस्तान के स्टेडियम को देख कर ऐसा नहीं लग रहा है कि वह टूर्नामेंट के लिए तैयार है। जिन 3 स्टेडियम में चैंपियंस ट्रॉफी के मुकाबले खेले जाने हैं, उन स्टेडयम में अभी भी निर्माण का काम चल रहा है। 31 दिसंबर तक इसे पूरा करना था लेकिन अभी तक काम जारी ही है।
पाकिस्तान से आई हैरान करने वाली तस्वीरें
बता दें कि पाकिस्तान में करीब 30 साल बाद आईसीसी का कोई बड़ा टूर्नामेंट आयोजित हो रहा है। चैंपियंस ट्रॉफी से पहले कराची और लाहौर के स्टेडियमों को ICC को सौंपने पर अनिश्चितता के बादल मंडरा रहे हैं। 19 फरवरी को टूर्नामेंट की शुरुआत होने के बावजूद, कराची में नेशनल स्टेडियम, रावलपिंडी क्रिकेट स्टेडियम और लाहौर में गद्दाफी स्टेडियम में अभी भी निर्माण कार्य चल रहा है। ICC और PCB पर इस टूर्नामेंट को आयोजित करने का दबाव बना हुआ है, क्योंकि बुनियादी ढांचे की स्थिति बहुत खराब हो गई है। टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार, तीनों स्टेडियमों में रेनोवेशन और रेस्टोरेशन का काम अभी चल ही रहा है। अब स्टेडियम पूरी तरह तैयार करने की डेडलाइन 25 जनवरी है. लेकिन जिस तरह से पाकिस्तान में काम चल रहा है उसे देखकर ऐसा नहीं लगता कि यह काम डेडलाइन तक पूरा हो पाएगा।
शिफ्ट हो सकता है टूर्नामेंट!
पाकिस्तान के स्टेडियमों का वीडियो सोशल मीडिया पर भी काफी वायरल हो रहा है। वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि ग्राउंड के किनारे बड़ी बड़ी मशीने लगी हुईं है और चारों तरफ मलबा बिखरा पड़ा है। वहीं एक रिपोर्ट में कहा गया है कि पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) को 12 फरवरी तक स्टेडियमों को ICC को सौंपने की समय सीमा दी गई है। अगर PCB समय पर निर्माण कार्य पूरा नहीं करता, तो ICC ने अपनी एक और योजना पर बातचीत शुरू कर सकता है, जिसमें टूर्नामेंट को दुबई में आयोजित करने का विकल्प शामिल है। अगर यह समय सीमा चूकती है, तो टूर्नामेंट आधे-अधूरे स्टेडियमों में नहीं हो सकता, और दोनों बोर्डों को एक बड़ा काम करना होगा।
बता दें कि भारत ने पहले ही पाकिस्तान जाने से इनकार कर दिया, जिसके बाद टूर्नामेंट को हाइब्रिड मॉडल के तहत आयोजित किया जा रहा। भारतीय टीम अपने सभी मैच दुबई में खेलेगी।