2024 World Chess Champion: महान शतरंज खिलाड़ी विश्वनाथन आनंद ने डी गुकेश से कहा कि वह चीन के डिंग लिरेन के साथ विश्व चैंपियनशिप खिताबी मुकाबले के स्तर पर सवाल उठाने वालों को नजरअंदाज करें, क्योंकि आलोचना हमेशा सफलता के साथ ही आती है। भारतीय ग्रैंडमास्टर गुकेश ने गुरुवार (12 दिसंबर) को इतिहास रच दिया। वह सिंगापुर में वर्ल्ड चेस चैंपियनशिप की 14वीं और अंतिम बाजी में लिरेन को हराकर विश्व खिताब जीतने वाले सबसे कम उम्र के खिलाड़ी बन गए। पूर्व रूसी विश्व चैंपियन व्लादिमीर क्रैमनिक मैच के दौरान शतरंज के स्तर से प्रभावित नहीं थे। उन्होंने इसे 'शतरंज का अंत' होने जैसा करार किया।
क्रैमनिक ने खेल के स्तर पर निराशा व्यक्त की और लिरेन की गलती को 'बचकाना' करार दिया। पांच बार के विश्व चैंपियन नॉर्वे के मैग्नस कार्लसन ने भी शुरूआती दौर में शतरंज के स्तर की आलोचना की है। लेकिन पांच बार के विश्व चैंपियन और गुकेश के 'मेंटोर' आनंद ने कहा कि उन्होंने 'गुकेश द्वारा इतिहास बनते देखा'। विश्वनाथन आनंद के बाद शतरंज में विश्व चैम्पियनशिप का खिताब जीतने वाले गुकेश दूसरे भारतीय हैं आनंद ने पांच बार चैम्पियनशिप जीती थी।
आलोचकों के लिस्ट में अब रूस के शतरंज संघ के अध्यक्ष एंड्री फिलाटोव का नाम भी शामिल हो गया है। उन्होंने एक विचित्र बयान दिया है। TASS न्यूज एजेंसी के मुताबिक एंड्री फिलाटोव ने कहा, "आखिरी गेम के परिणाम ने चेस खिलाड़ियों और शतरंज प्रशंसकों के बीच घबराहट पैदा कर दी।" उन्होंने कहा, "निर्णायक खंड में चीनी शतरंज खिलाड़ी की हरकतें बेहद संदिग्ध हैं और FIDE द्वारा एक अलग जांच की आवश्यकता है। डिंग लिरेन जिस स्थिति में थे उसे खोना एक फर्स्ट कैटेगरी के खिलाड़ी के लिए भी मुश्किल है। आज के खेल में चीनी शतरंज खिलाड़ी की हार कई सवाल खड़े करती है। ऐसा लगता है कि यह जानबूझकर की गई है।"
चेन्नई के 18 वर्षीय गुकेश ने गुरुवार को चीन के गत चैंपियन डिंग लिरेन को हराकर ऐतिहासिक जीत दर्ज की। इस जीत के साथ 18वें और वह पांच बार के विश्व चैम्पियन विश्वनाथन आनंद के बाद दूसरे भारतीय बन गए। इस खिताब को जीतने वाले गुकेश को 1.3 मिलियन अमेरिकी डॉलर (लगभग 11.03 करोड़ रुपये) की भारी भरकम राशि मिली।
ग्रैंडमास्टर गुकेश चीन के डिंग लिरेन को हराकर सबसे युवा विश्व चैम्पियन बने। चैम्पियनशिप का आखिरी मुकाबला करीब तीन सप्ताह तक चला। गुकेश ने सात साल की उम्र में अपनी नियति का सपना देखा और एक दशक से भी कम समय में इसे हकीकत में बदल दिया। आनंद ने कहा, "गुकेश का इतिहास में सबसे कम उम्र का विश्व चैंपियन बनना सचमुच विशेष है। यह निश्चित रूप से एक बहुत ही प्रतिभाशाली स्वर्णिम पीढ़ी है।"
उन्होंने कहा, "यह (आलोचना) हर मैच के साथ आती है। ईमानदारी से कहूं तो मुझे लगता है कि यह बस क्षेत्र के साथ आती है। आप इसे अनदेखा कर दीजिये, बस सब ठीक। आप गुकेश की उपलब्धि, उसकी योग्यता और सब कुछ जानते हैं। अगर आप ओलंपियाड देखें तो उसने दिखाया कि वह वास्तव में बहुत मजबूत खिलाड़ी बन गया है।"
आनंद ने कहा, "उसने इस साल कैंडिडेट्स जीता, टोरंटो में काफी अच्छे परिणाम मिले और वह यहां खेलने पहुंचा। इसलिए यह सब (आलोचना) इसके साथ आती है। आप आलोचनाओं के बिना विश्व चैंपियन बनने की उम्मीद नहीं कर सकते।"